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शिव में नहरी पानी चोरी करते 1 गिरफ्तार

शिव में नहरी पानी चोरी करते 1 गिरफ्तार

बाड़मेर। एक तरफ बूंद-बूंद को तरसती जनता, दूसरी तरफ मेंटेनेंस- पेट्रोलिंग के नाम पर हर महीने 17.85 लाख रुपए खर्च करने बाद भी नहरी पानी की चोरी हो रही है। पीएचईडी की लीपापोती और बीच रास्ते में 20 से 25 एमएलडी यानि 25% नहरी पानी की चोरी हो रही है। पीएचईडी के अधिकारियों व कार्मिकों की मिलीभगत से इस पर कोई लगाम नहीं लग रही है। मोहनगढ़ से बाड़मेर जीरो पॉइंट तक आने वाली 1000 एमएम की मुख्य लाइन जल माफियाओं की खुली मंडी बन गई है। इस पर पीएचईडी ने शुक्रवार को कार्रवाई की। जनता की प्यास बुझाने के लिए आ रहे पानी की चोरी का भंडाफोड़ शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हुआ। पीएचईडी की टीम ने शिव पंचायत समिति के पास ट्रंक लाइन की चेकिंग के दौरान देखा कि जल माफिया किस बेखौफ तरीके से पानी की चोरी कर रहा है। यहां मुख्य लाइन पर लगे फ्लोमीटर चेंबर के वाल्व से एक इंच का अवैध कनेक्शन जोड़कर बाकायदा ट्रैक्टर-टैंकर भरा जा रहा था। यह पानी बाजार में 700 से 800 रुपए पर बेचा जा रहा था। मौके से टीम ने ट्रैक्टर सहित चालक को दबोच लिया। पीएचईडी के एईएन और जेईएन की तरफ से शुक्रवार शाम को ही शिव पुलिस थाने में इस जल चोरी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।


17.85 लाख मासिक खर्च, पर कागजी साबित हो रहा पहरा
मोहनगढ़ से बाड़मेर व कुम्हारों की ढाणी से जैसलमेर आर्मी तक 218 किमी लंबी मुख्य पाइपलाइन है। मोहनगढ़ से बाड़मेर पानी पहुंचने में 20 घंटे लगते हैं, लेकिन रास्ते में प्रेशर टूटने से शहर-गांव प्यासे हैं। माफिया रोज पानी चोरी कर ट्रैक्टर टंकियों से व्यापार कर रहे है।


कलेक्टर की सख्ती:
7.94 लाख का जुर्माना और कुर्की के आदेश | पानी चोरी के नेक्सस को तोड़ने के लिए प्रशासन अब सख्त है। पिछले साल चोरी की 50 एफआईआर दर्ज होने के बाद भी माफिया बाज नहीं आए। इस साल शिव, बायतु, बाड़मेर, बांद्रा और उत्तरलाई से चोरी के 48 मामले जिला कलेक्टर के पास पहुंचे। पीएचईडी ने चोरी के मामलों में 43.79 लाख रुपए का जुर्माना प्रस्तावित किया है।
शिव पंचायत समिति के पास पीएचईडी टीम ने शुक्रवार शाम 5 बजे नरपतिंसह को दबोचकर शिव थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। ट्रैक्टर टंकी से जल माफिया व्यापार चला रहा था। ट्रंक लाइन पर लगे फ्लोमीटर चेंबर, स्कोरिंग और एयर वाल्व से पानी चोरी कर मीठे पानी से डिग्गियां भर खेती कर रहे हैं।

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