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सीजीडी संस्थाएं सितंबर अंत तक 20 हजार नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करें, घरेलू के साथ ही औद्योगिक, व्यावसायिक संस्थाओं पर भी करें फोकस-एसीएस, माइंस

सीजीडी संस्थाएं सितंबर अंत तक 20 हजार नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करें, घरेलू के साथ ही औद्योगिक, व्यावसायिक संस्थाओं पर भी करें फोकस-एसीएस, माइंस

 दो माह में 21 हजार 240 परिवारों और 240 औद्योगिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान पीएनजी सुविधा से जुड़े

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने राज्य में कार्यरत सिटी गैस वितरण संस्थाओं को सितंबर अंत तक 20 हजार नए डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस (डीपीएनजी) कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यावसायिक संस्थाओं और कलस्टरों को पाइपलाइन से घरेलू गैस सुविधा से जोड़ने पर खास फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीजीडी संस्थाएं ग्राहकोन्मुखी प्रोत्साहन योजनाएं भी चलाएं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ही स्वच्छ, सुरक्षित और हरित उर्जा को बढ़ावा दिया जा सकेगा। राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों व नियमित मोनेटरिंग का ही परिणाम है कि सीजीडी संस्थाओं द्वारा गत दो माह में 21 हजार 240 परिवारों को डीपीएनजी सुविधा से जोड़ा गया हैं वहीं दो माह में ही 240 औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं को प्राकृतिक गैस सेवाएं उपलब्ध कराना शुरु कर दिया है। एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा मंगलवार को सचिवालय में राज्य की सीजीडी संस्थाओं की वर्चुअल बैठक ले रही थी। उन्होंने कहा कि सीजीडी संस्थाओं के कार्यक्षेत्र में जिन इलाकों में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित हो गई है उन क्षेत्रों में घरेलू, औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन जारी करने के समन्वित व योजनाबद्ध प्रयास करने होंगे। उन्होंने इसके लिए अवेयरनेस कार्यक्रम चलाने, इलाकों में शिविर लगाने और क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से समन्वय बनाते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ समन्वय बनाते हुए रिटेलर्स माॅडल विकसित करने पर भी जोर दिया। श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बताया कि एक लाख 75 हजार परिवारों को डीपीएनजी सेवाओं से जोड़ा जा चुका है वहीं 1553 औद्योगिक और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं से डीकम्प्रेशर यूनिट (डीसीयू) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस(एलएनजी) यूूनिट माॅडल पर भी काम करते हुए पीएनजी सुविधाओं के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आमनागरिकों तक यह संदेश पहुंचाना जरुरी है कि देरसबेर एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होना ही पड़ेगा। पीएनजी सुविधा 24 गुणा 7, बुकिंग की समस्या से मुक्ति, सुरक्षित, स्वच्छ और हरित उर्जा है। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन श्री नवीन जैन ने बताया कि जयपुर में गांधीनगर के साथ ही सिविल लाइंस, विद्याद्यर नगर, मालवीय नगर में सरकारी क्वाटरों में पीएनजी कनेक्शन जारी कराने को प्राथमिकता दी जाएं। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में गैस कंपनी को सीडीयू स्टेशन स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध करादी है। उन्होंने सर्किट हाउसों में भी पीएनजी कनेक्शन जारी करने पर जोर दिया। निदेशक पेट्रोलियम श्री अवधेश सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा सीजीडी संस्थाओं से समन्वय बनाकर पीएनजी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक श्री विनय पाटनी ने बताया कि राज्य में 13 सीजीडी संस्थाओं द्वारा 17 जियोग्राफिकल एरिया में पीएनजी आधारभूत संरचना विकसित कर पीएनजी -सीएनजी सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विस्तार से सीजीडी संस्थाओं के कार्य प्रगति की जानकारी दी। बैठक में विशिष्ठ सचिव माइंस श्रीमती नम्रता वृष्णि, संयुक्त निदेशक पेट्रोलियम श्री दिलीप राज शर्मा, उपनिदेशक श्री सुशील कुमार हुड्डा, श्री अंकित सोनी, उपप्रबंधक श्री गगनदीप राजोरिया, टोरेंट गैस के श्री शैलेश और इंडियन ऑयल के श्री मनोज मीणा के साथ ही सभी सीजीडी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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