नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सख्त: ग्रामीण विधानसभा में 3 साल से लटकी सड़कें अब और बर्दाश्त नहीं, पीडब्ल्यूडी अफसरों पर विधानसभा में जताई नाराजगी
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंगलवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के आला अधिकारियों की क्लास ली। बैठक में अलवर जिले सहित ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों और अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर विभाग की कार्यशैली पर जमकर सवाल उठाए। जूली ने साफ कहा कि क्षेत्र की जनता पिछले 3 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन फाइलें सिर्फ टेबल से टेबल घूम रही हैं।
जूली ने 3 साल से लंबित सड़कों को लेकर दिए सख्त निर्देश
बैठक में अलवर जिले सहित ग्रामीण की दर्जनों सड़कों का मुद्दा उठा जो स्वीकृत होने के बावजूद शुरू नहीं हो पाई हैं। जूली ने मुख्य चीफ इंजीनियर और अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी लंबित सड़कों की प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। घटिया निर्माण पाए जाने पर ठेकेदार और संबंधित अधिकारी दोनों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट नेता प्रतिपक्ष कार्यालय को आवश्यक रूप से भेजी जाए। उन्होंने कहा कि जनता टैक्स देती है सड़क के लिए, बहाने सुनने के लिए नहीं। चुनाव से पहले वादे और चुनाव के बाद विलंब यह दोहरा रवैया अब बंद होना चाहिए।
भर्तृहरि मार्ग और पुलिया को बताया सरकार की नाकामी
बैठक का सबसे गर्म मुद्दा भर्तृहरि मार्ग और वहां प्रस्तावित पुलिया का निर्माण रहा। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग के बावजूद काम अटका पड़ा है। जूली ने अधिकारियों से पूछा कि स्वीकृति के बाद भी धरातल पर काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने इसे "आस्था और विकास दोनों के साथ खिलवाड़" बताते हुए चेतावनी दी कि अगले विधानसभा सत्र से पहले काम शुरू नहीं हुआ तो सड़क पर आंदोलन के साथ सदन में भी विभाग को घेरा जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पीडब्ल्यूडी के मुख्य चीफ इंजीनियर, अतिरिक्त मुख्य सचिव, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जूली का सरकार और प्रशासन को साफ एवं सीधा संदेश
बैठक के बाद जूली ने कहा कि अलवर ग्रामीण की जनता ने मुझे विपक्ष का नेता नहीं, उनकी आवाज बनाकर भेजा है। सड़क, पुलिया और बुनियादी सुविधाएं कोई एहसान नहीं, जनता का अधिकार है। विभाग अब जवाबदेह होगा। काम होगा, और समय पर होगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि अब फोटो खिंचवाने वाली राजनीति नहीं, धरातल पर काम चाहिए।