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RUIDP संवाद में भीलवाड़ा के विकास का रोडमैप, ड्रेनेज-सीवरेज पर खास फोकस

RUIDP संवाद में भीलवाड़ा के विकास का रोडमैप, ड्रेनेज-सीवरेज पर खास फोकस

भीलवाड़ा। शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (RUIDP) के पंचम चरण के तहत प्रस्तावित कार्यों पर मंथन शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में बुधवार को नगर निगम सभागार में 'RUIDP संवाद' कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भीलवाड़ा और गुलाबपुरा के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी साझा करना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों से सुझाव लेना रहा। अधिकारियों के अनुसार, भीलवाड़ा शहर में करीब 147.50 करोड़ रुपये और गुलाबपुरा में लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य प्रस्तावित हैं।

RUIDP अधिकारियों ने बताया कि पंचम चरण के तहत प्रदेश के 84 नगरीय निकायों की करीब 1.25 करोड़ आबादी को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से संचालित होने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 9,500 करोड़ रुपये है।

परियोजना में भीलवाड़ा समेत 64 शहरों में सीवरेज से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही शहरों में जल प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। भीलवाड़ा के लिए प्रस्तावित योजना में ड्रेनेज और सीवरेज व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे बारिश और गंदे पानी की निकासी की समस्या को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि RUIDP का पंचम चरण तीन प्रमुख क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों का समन्वित विकास, प्रमुख शहरों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाना शामिल है।

परियोजना के तहत जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर में शहरी यातायात को बेहतर बनाने के लिए 'शहरी गतिशीलता समाधान' लागू करने की योजना है। वहीं 56 शहरों में करीब 701 करोड़ रुपये की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के साथ विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे।

औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए रीको और उद्योग विभाग के सहयोग से करीब 870 करोड़ रुपये की लागत से सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र यानी CETP स्थापित करने की योजना भी परियोजना में शामिल है। इसके अलावा जल संरक्षण, ठोस कचरा प्रबंधन और टिकाऊ विकास को लेकर भी कई प्रावधान किए गए हैं।

कार्यशाला में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने शहर की जरूरतों से जुड़े सुझाव अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए भीलवाड़ा के लिए समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास योजना तैयार की जाएगी।

कार्यशाला में शहर विधायक अशोक कोठारी, सांसद प्रतिनिधि, एडीएम सिटी प्रतिभा, RUIDP जोधपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता संजय माथुर, नगर निगम आयुक्त हेमाराम, जनप्रतिनिधि राकेश पाठक सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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