साबूदाना टिक्की बनाने का परफेक्ट तरीका : न चिपकेगी, न ज्यादा तेल सोखेगी
नई दिल्ली। व्रत का दिन हो या शाम की चाय का समय, गरमा-गरम और कुरकुरी साबूदाना टिक्की का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन कई लोगों की यह शिकायत होती है कि उनकी टिक्की कड़ाही में जाते ही या तो फट जाती है, या फिर स्पंज की तरह सारा तेल सोख लेती है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही होता है, तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आज हम आपके लिए लाए हैं साबूदाना टिक्की बनाने की वो खास रेसिपी और कुछ ऐसे सीक्रेट्स, जिनसे आपकी टिक्की बाहर से एकदम कुरकुरी और अंदर से सॉफ्ट बनेगी।
साबूदाना टिक्की बनाने के लिए सामग्री
साबूदाना: 1 कप
उबले हुए आलू: 2 से 3 (मीडियम आकार के)
मूंगफली के दाने: आधा कप (भुने और दरदरे पिसे हुए)
हरी मिर्च: 2-3 (बारीक कटी हुई)
हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच (बारीक कटा हुआ)
जीरा: 1 छोटा चम्मच
सेंधा नमक (व्रत वाला नमक): स्वादानुसार
नींबू का रस: 1 चम्मच (हल्के खट्टेपन के लिए)
तेल या घी: टिक्की तलने के लिए
साबूदाना टिक्की बनाने की विधि
टिक्की के न फटने का सबसे बड़ा राज साबूदाना भिगोने में छिपा है। साबूदाने को पानी से 2-3 बार अच्छी तरह धो लें ताकि उसका सारा स्टार्च निकल जाए। अब साबूदाने में सिर्फ उतना ही पानी डालें कि साबूदाना बस डूब जाए (पानी साबूदाने के लेवल से ऊपर नहीं होना चाहिए)। इसे 4 से 5 घंटे या रात भर के लिए ढककर रख दें। फूलने के बाद साबूदाना एकदम खिला-खिला रहेगा।
अब एक बड़े बर्तन में भीगा हुआ साबूदाना लें। इसमें उबले हुए आलू को कद्दूकस करके या अच्छी तरह मैश करके डालें। फिर इसमें दरदरी पिसी हुई मूंगफली, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, सेंधा नमक और नींबू का रस मिला लें।
सभी चीजों को अपने हाथों से अच्छी तरह मिलाकर एक 'आटे' जैसा डो तैयार कर लें। अब अपनी हथेलियों पर हल्का-सा तेल लगाएं। मिश्रण का थोड़ा-सा हिस्सा लें और उसे गोल घुमाते हुए टिक्की का आकार दें। ध्यान रहे कि टिक्की के किनारों पर कोई दरार न हो, वरना टिक्की तेल में जाकर फट सकती है।
एक कड़ाही में तेल या घी गरम करें। तेल का तापमान 'मीडियम से हाई' होना चाहिए। गरम तेल में धीरे-धीरे टिक्कियां डालें। टिक्की डालने के तुरंत बाद उसे करछी से न छुएं। जब वह नीचे से हल्की सुनहरी और क्रिस्पी होने लगे, तब उसे पलटें और दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें।
साबूदाना टिक्की को परफेक्ट बनाने वाले 3 सीक्रेट्स
हमेशा उबले हुए आलुओं को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही इस्तेमाल करें। गरम आलू में नमी होती है, जो टिक्की को गीला कर देती है और फिर टिक्की तेल सोखने लगती है।
भुनी हुई मूंगफली को दरदरा पीसकर डालने से यह साबूदाने और आलू की एक्स्ट्रा नमी को सोख लेती है। इससे टिक्की क्रिस्पी बनती है और तेल में बिखरती नहीं है।
अगर तेल हल्का गरम होगा, तो टिक्की सारा तेल पी जाएगी। अगर बहुत ज्यादा तेज गरम होगा, तो टिक्की बाहर से जल जाएगी और अंदर से कच्ची रहेगी। इसलिए गैस की आंच मीडियम-हाई पर ही रखें।