भारत के डिजिटल कॉमर्स को मिला नया मंच, IAMAI ने लॉन्च की ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया
नई दिल्ली। भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल कॉमर्स सेक्टर को नई दिशा देने के उद्देश्य से इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ECCI) की शुरुआत की है। यह देश का पहला राष्ट्रीय मंच है, जिसका मकसद सरकार, उद्योग, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित कर डिजिटल कारोबार के इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है।
आईएएमएआई का कहना है कि भारत का डिजिटल कॉमर्स अब केवल ऑनलाइन खरीदारी तक सीमित नहीं है। इसमें ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, ट्रैवल टेक, मोबिलिटी प्लेटफॉर्म, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, डिजिटल पेमेंट्स, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड, क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड, निर्यात और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कॉमर्स जैसे कई क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में इन सभी क्षेत्रों के लिए एक साझा नीति मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. लवीश भंडारी ने कहा कि भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर की अगली विकास यात्रा उद्योग और सरकार के बीच मजबूत साझेदारी पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार, यदि उद्योग एकजुट होकर नीतिगत मुद्दों पर सुझाव देगा तो सरकार अधिक प्रभावी और व्यावहारिक नीतियां तैयार कर सकेगी, जिससे व्यवसाय और उपभोक्ता दोनों को लाभ मिलेगा।
इस नई परिषद में देश और दुनिया की कई प्रमुख डिजिटल कंपनियां शामिल हुई हैं। इनमें अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्विगी, इंडियामार्ट, मेकमाईट्रिप, इक्सिगो, ऊबर, रैपिडो, शिपरॉकेट, ईबे, मीशो, टाटा 1एमजी समेत कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा स्टार्टअप्स, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, डिजिटल पेमेंट सेवा प्रदाता, टेक कंपनियां, निर्यातक, शिक्षण संस्थान और उद्योग विशेषज्ञ भी इस मंच से जुड़ेंगे।
ई-कॉमर्स काउंसिल ऑफ इंडिया सर्विस ई-कॉमर्स, प्रोडक्ट ई-कॉमर्स, डिजिटल ट्रेड, लॉजिस्टिक्स, ट्रैवल टेक, उपभोक्ता विश्वास, एमएसएमई की बाजार तक पहुंच, डिजिटल पेमेंट्स, जिम्मेदार डिजिटल कारोबार, एआई और उभरती तकनीकों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नीति निर्माण और सहयोग को बढ़ावा देगी।
आईएएमएआई के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि ईसीसीआई उद्योग और सरकार के बीच संवाद, शोध, नीति निर्माण और बेहतर कारोबारी मानकों को बढ़ावा देने का प्रमुख मंच बनेगा, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
परिषद की दीर्घकालिक योजना के तहत हर वर्ष इंडियन ई-कॉमर्स समिट (IECS) का आयोजन भी किया जाएगा। इस सम्मेलन में सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों और वैश्विक विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर डिजिटल व्यापार और भविष्य की तकनीकों पर चर्चा की जाएगी, ताकि भारत को वैश्विक डिजिटल कॉमर्स हब बनाने की दिशा में गति मिल सके।