अलवर: वन राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा के प्रतिदिन एक पेड़ लगाने के संकल्प के 2 पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर वन में आयोजित हुआ पौधारोपण कार्यक्रम
वन राज्यमंत्री की अगुवाई में एक साथ लगाए गए 730 अर्जुन के पौधे, अर्जुन के उत्पादों की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र, रेगिस्तान के नाम से पहचान रखने वाला राजस्थान आने वाले समय में हरियालो राजस्थान के रूप में बनाएगा पहचान - वन राज्यमंत्री श्री शर्मा
जयपुर। वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा के एक पेड़ प्रतिदिन लगाने के संकल्प के 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को अलवर के कटी घाटी स्थित नगर वन में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पंच गौरव के तहत एक जिला-एक वृक्ष में अलवर जिले में चयनित अर्जुन के एक साथ 730 औषधीय पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान अर्जुन वृक्ष उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई एवं महिला समूहों की महिलाओं को अर्जुन उत्पादों की किट भेंट की गई। पौधारोपण में आमजन एवं आईटीबीपी के जवानों व वन विभाग के जवानों की सक्रिय भागीदारी रही।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से प्रेरित होकर शुरू किया प्रतिदिन पौधारोपण
वन राज्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि दो वर्ष पहले आज के ही दिन वन विभाग का कार्यभार संभालने के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नवाचार करने के आह्वान से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रतिदिन एक पौधा लगाने का संकल्प लिया था, जो निरन्तर जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 5 जून 2024 को एक पेड़ मां के नाम अभियान शुरू कर देशवासियों से अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाने का आह्वान किया था, जो वर्तमान में जन आन्दोलन का स्वरूप ले चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान को आगे बढाते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश में विगत वर्ष साढ़े सात करोड़ व इस वर्ष करीब 12 करोड़ पौधे लगाए जा चुके है, जिनकी सर्वाइवल रेट करीब 80 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस ऊर्जा और विश्वास के साथ पौधारोपण किया जा रहा है इससे रेगिस्तान के नाम से पहचान रखने वाला राजस्थान आने वाले समय में हरियालो राजस्थान के रूप में जाना जाएगा।
अलवर को दो वर्ष में मिली अनेक सौगातें, बायोलॉजिकल पार्क में आएंगे 420 प्रकार के पशु-पक्षी
श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव के सकारात्मक रूख से अलवर को विगत दो वर्षों में अनेक सौगातें मिली हैं, जिसके तहत अलवर शहर को मातृ वन, गुरूनानक लंग्स वाटिका मूंगस्का, बायोलॉजिकल पार्क जैसी विभिन्न सौगाते दी गई है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महती भूमिका अदा कर रही है। उन्होंने कहा कि शहर में बनने वाला बायोलॉजिकल पार्क एनसीआर क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्क होगा, जिसमें देश एवं विदेश से सात प्रकार की प्रजाति के बाघ लाए जाएंगे। इसमें अफ्रीका के जिराफ, लॉयन समेत 420 प्रकार की प्रजातियों के पशु-पक्षी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जल के संरक्षण की दिशा में कार्य करते हुए चार पॉइंट चिन्हित किए गए है, जिनमें अखैपुरा में जरखवाला, प्रतापबंध में जोहड़ी, भूरासिद्ध व भाखेडा में बड़े एनीकट बनाए जाएंगे, इससे भूजल रिचार्ज होगा। उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में राज्य सरकार निरन्तर सकारात्मक भाव से काम कर रही है जिसका परिणाम है कि सरिस्का अभयारण्य वर्तमान में 50 बाघों से गुलजार है। उन्होंने कहा कि जीनपूल की समस्या को दूर करने के लिए मध्यप्रदेश से बाघिन लाई गई है तथा आने वाले समय में और भी लाने के प्रयास किए जाएंगे।