ब्यावर रिश्वत कांड का खुलासा, हेड कांस्टेबल और दलाल गिरफ्तार, कैश लेकर साथी फरार
जयपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने ब्यावर में बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर थाने के एक हेड कांस्टेबल और उसके कथित दलाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। वहीं, कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम लेकर भागा तीसरा आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बहन के मामले में राजीनामा कराने के बदले तय राशि से अलग 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए।
सत्यापन के बाद एसीबी की अजमेर इकाई ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। कार्रवाई के दौरान हेड कांस्टेबल रामाकिशन ने कथित दलाल कानाराम के माध्यम से 8 हजार रुपये रिश्वत की रकम ली। इसी बीच एसीबी टीम को देखकर कानाराम ने रकम अपने परिचित राहुल काठात को थमा दी, जो मौके से फरार हो गया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं, गिरफ्तार हेड कांस्टेबल और दलाल से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत में हेड कांस्टेबल रामाकिशन और कांस्टेबल मनोज के खिलाफ रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के पर्यवेक्षण और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह चंपावत के निर्देशन में निरीक्षक कुशालाराम और उनकी टीम ने की।
एसीबी के मुताबिक, मामले में राजीनामा राशि के अलावा 9 हजार रुपये भी दिलवाए गए थे, जबकि रिश्वत के रूप में 8 हजार रुपये की वसूली की गई। फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार आरोपी की तलाश में टीमें जुटी हुई हैं।