मोदी को दुनिया भर से बधाइयां, कई देशों संग रिश्ते मजबूत करने का संदेश
नई दिल्ली। भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी को दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं और पूर्व राष्ट्राध्यक्षों से शुभकामनाएं मिल रही हैं। प्रधानमंत्री ने इन संदेशों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कई देशों के साथ भारत की साझेदारी को और मजबूत बनाने का भरोसा जताया।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मद नशीद के संदेश का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और सतत विकास के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चन स्टॉकर को धन्यवाद देते हुए पीएम मोदी ने उनकी भारत यात्रा को याद किया और कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग को नई दिशा देने के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। वहीं स्टॉकर ने भी भारत को ऑस्ट्रिया और यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब को भेजे संदेश में प्रधानमंत्री ने रायसीना डायलॉग में उनकी भागीदारी और भारत यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत और फिनलैंड के बीच सहयोग के नए अवसर विकसित किए जाएंगे।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी पीएम मोदी को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में जारी प्रयासों को सकारात्मक बताया और भविष्य में सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई।
ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि को भारतीय जनता के विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ताइवान भारत के साथ अपनी साझेदारी को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने भविष्य में मुलाकात और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।
लगातार मिल रहे इन अंतरराष्ट्रीय संदेशों से यह संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है तथा विभिन्न देशों के साथ उसके संबंध नई मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं।