छात्रों के समर्थन में बोले दिलजीत दोसांझ, कहा- सरकार उनकी आवाज जरूर सुने
मुंबई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छात्रों के साथ हुए घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों से उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने की अपील की।
दिलजीत दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी सेक्शन में साझा किए गए संदेश में लिखा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह उचित नहीं था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि "लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है।"
अपने नोट में दिलजीत ने यह भी उल्लेख किया कि पहले भी अपने विचार खुलकर रखने के कारण उन्हें आलोचनाओं और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय भी उन्हें कई तरह के विरोध का सामना करना पड़ा और भविष्य में क्या होगा, यह समय ही बताएगा।
इस घटनाक्रम पर अभिनेता सोनू सूद ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि देश के छात्रों को लाठियों की नहीं, बल्कि प्रोत्साहन और सहयोग की जरूरत है। उनके अनुसार युवाओं के साथ संवाद और सम्मानपूर्ण व्यवहार ही बेहतर समाधान का रास्ता है।
अभिनेत्री आयशा अहमद ने भी इंस्टाग्राम पर साझा किए गए संदेश में प्रदर्शन के दौरान सामने आए दृश्यों पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि उनके कुछ परिचित प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे और उनके अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा था। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं का संघर्ष भविष्य में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
दिलजीत, सोनू सूद और आयशा अहमद की प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। तीनों कलाकारों ने अलग-अलग शब्दों में छात्रों की बात सुनने, संवाद को प्राथमिकता देने और लोकतांत्रिक तरीके से समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।