राजस्थान शिक्षक संघ (शे)का पांचवा राज्य परिषद सम्मेलन
रतनगढ़ । राजस्थान शिक्षक संघ (शे)का पांचवा राज्य परिषद सम्मेलन प्रेम सिंह चौधरी नगर एवं दुर्गाराम मोगा मंच टाउन हॉल रतनगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष महावीर सिहाग द्वारा झंडारोहण के साथ शुरू हुआ ।सम्मेलन के प्रथम दिन की अध्यक्षता हेमंत खराड़ी ,भूप सिंह कुकणा व अशोक लोदवाल आदि ने की । सम्मेलन में विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे गए आमजन को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष महावीर सिहाग ने कहा शिक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि गैर शैक्षिक कार्यों से सरकार मुक्त नहीं करना चाहती है। प्रदेश का शिक्षक गरीब किसानों मजदूरों के बच्चों को पढ़ाना चाहता है इसको लेकर सरकार को लगातार आंदोलन के माध्यम से प्रदेशभर का शिक्षक मुखरता से आवाज उठा रहा हैं। राज्य महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने कहा कि यह सत्र हमारा संघर्षों का साल रहा है। शैक्षणिक ढांचे को बचाने के लिए व तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण नीति से स्थानान्तरण करने ,गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त करने और पीएफआरडीए बिल रद्द कर देशभर में ओ पी एस लागू करने जैसे ज्वलंत मांगों को लेकर संघर्षरत है। सम्मेलन में विशेष सत्र रखा गया जिसे इतिहास के प्राध्यापक सिद्धेश्वर शुक्ला दिल्ली विश्वविद्यालय में अपना व्याख्यान देते हुए नई शिक्षा नीति 2020 पर अपनी आलोचना रखी उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति पर बात करते हुए सरकारी संस्थान बचाने का बड़ा सवाल है। इस अवसर पर भंवरलाल पूनिया हरलाल डूडी, बृजलाल खीचड़ ,चौथमल चिनिया, खिंवाराम ख्यालिया गोपीचंद खीचड़, शिवपाल राजियासर, बजरंग बीसू, रूपेश व संजय तामडायत आदि उपस्थित थे।