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फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले- दुनिया को भारत की बात सुननी चाहिए

फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले- दुनिया को भारत की बात सुननी चाहिए

नई दिल्ली। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत की राय को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। हेलसिंकी में आयोजित ‘कुलतारना टॉक्स’ के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई मुलाकात में उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली और महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

बैठक के बाद राष्ट्रपति स्टब ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व, फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध और आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच कूटनीति और संवाद ही स्थायी समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

जयशंकर ने कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही दोनों देश बहुपक्षीय मंचों पर साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

कुलतारना वार्ता के दौरान जयशंकर ने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और संयुक्त अरब अमीरात की विदेश राज्य मंत्री लाना नुसेबेह के साथ एक विशेष चर्चा में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाले संघर्षों का प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और स्थिरता पर भी पड़ता है।

उन्होंने मजबूत और विविधीकृत सप्लाई चेन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक व्यवस्था को अधिक लचीला बनाने की जरूरत है। ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसले करता है।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और खाड़ी देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। ये रिश्ते ऊर्जा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग और लोगों के बीच गहरे संपर्क पर आधारित हैं, जो आने वाले वर्षों में और मजबूत होने की संभावना रखते हैं।

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