एनआरआई के लिए खुशखबरी! विदेशी मुद्रा जमा पर अब मिलेगा 6.6% तक ब्याज
मुंबई। भारतीय बैंकों ने गैर-निवासी भारतीयों (एनआरआई) को आकर्षित करने के लिए विदेशी मुद्रा जमा योजनाओं पर ब्याज दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हाल में नियमों में दी गई रियायतों के बाद कई प्रमुख बैंकों ने एफसीएनआर (बी) जमा पर नए और अधिक आकर्षक ब्याज दरों की घोषणा की है।
इस बदलाव के तहत अमेरिकी डॉलर में जमा पर ब्याज दरें बढ़कर 6.6 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं। इससे पहले लंबी अवधि की एफसीएनआर (बी) जमा योजनाओं पर ब्याज दरें करीब 3.35 प्रतिशत के आसपास थीं। नई दरों से एनआरआई निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है।
State Bank of India ने एफसीएनआर (बी) एडवांटेज डिपॉजिट स्कीम शुरू की है। इसके तहत एक मिलियन डॉलर तक की जमा राशि पर अवधि के अनुसार 5.25 प्रतिशत से 5.75 प्रतिशत तक ब्याज दिया जाएगा। वहीं, एक मिलियन डॉलर से अधिक की जमा पर पांच वर्ष की अवधि के लिए 6 प्रतिशत तक ब्याज की पेशकश की गई है।
दूसरी ओर, Bank of Baroda ने भी अपनी एफसीएनआर (बी) योजनाओं में बदलाव किया है। बैंक अमेरिकी डॉलर जमा पर 6 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है, जबकि पाउंड स्टर्लिंग और ऑस्ट्रेलियन डॉलर पर 4.75 प्रतिशत, कैनेडियन डॉलर पर 5.15 प्रतिशत तथा यूरो जमा पर 3.75 प्रतिशत तक रिटर्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
सबसे अधिक ब्याज दर की पेशकश Yes Bank ने की है। बैंक की नई दरों के अनुसार अमेरिकी डॉलर में तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली जमा योजनाओं पर 6.50 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज मिलेगा। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आरबीआई द्वारा एफसीएनआर (बी) जमा और विदेशी उधारी नियमों में दी गई ढील का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाना है। इससे बैंकों को अधिक विदेशी मुद्रा संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी और देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ी हुई ब्याज दरें एनआरआई समुदाय को भारतीय बैंकों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगी, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार और बैंकिंग प्रणाली दोनों को लाभ मिलने की संभावना है।