जयपुर में हनीट्रैप गैंग बेनकाब, 3 करोड़ की रंगदारी का खुलासा
जयपुर। राजधानी जयपुर में हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिण जिले की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह ने एक व्यक्ति को जाल में फंसाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और फिर करोड़ों रुपये की वसूली के लिए उसे धमकाना शुरू कर दिया।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को बदनाम करने और उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज कराने की धमकी देकर पहले 3 करोड़ रुपये की मांग की। जब पीड़ित और उसके परिवार ने रकम देने से इनकार किया तो दबाव बढ़ाने के लिए लगातार ब्लैकमेल किया गया।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रवि कुमार टांक ने महिला को मकान और रोजगार दिलाने का झांसा देकर अपने साथ जोड़ा था। इसके बाद दोनों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से हनीट्रैप की पूरी साजिश रची। महिला ने पीड़ित से संपर्क बढ़ाकर उसे विश्वास में लिया और फिर गिरोह ने आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित को एक सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक भी बनाया। वहां उससे परिजनों को फोन कर तत्काल पैसे मंगवाने का दबाव बनाया गया और करीब दो लाख रुपये की मांग की गई। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो पीड़ित के खिलाफ झूठा दुष्कर्म मामला दर्ज करवाकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रवि कुमार टांक के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामला दर्ज है। मामले में शामिल गिरोह के अन्य सदस्य दिलखुश उर्फ विलेन और अर्जुन हरिजन अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
डीसीपी ने बताया कि महिला अपराधों से जुड़े मामलों की गहन जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच दक्षिण जिले में जांच के दौरान 654 मामले झूठे पाए गए। इनमें से कई मामलों में झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि महिला अपराध से जुड़े मामलों की गंभीरता को देखते हुए हर शिकायत की निष्पक्ष जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिल सके और झूठे मामलों के जरिए कानून का दुरुपयोग करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो।