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फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत, पीएलआई के तहत मिले 6,659 करोड़ रुपये

फार्मा सेक्टर को बड़ी राहत, पीएलआई के तहत मिले 6,659 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के जरिए फार्मास्युटिकल सेक्टर को मार्च 2026 तक 6,659 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। लोकसभा में लिखित में एक प्रश्न का लिखित में उत्तर देते हुए रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि फार्मास्युटिकल सेक्टर के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना- पीएलआई वित्त वर्ष 2022-23 में आरंभ हुई। इस योजना में कुल 15,000 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय में से, मार्च 2026 तक 6,659 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि थोक दवाओं के लिए पीएलआई योजना के तहत , कुल 6,940 करोड़ रुपए के परिव्यय में से मार्च 2026 तक 87.70 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। थोक दवाओं संबंधी पीएलआई परियोजनाओं के कार्यान्वयन में भूमि अधिग्रहण में लगने वाले समय, पर्यावरण मंजूरी, उच्च उपयोगिता लागत, फर्मन्‍टेशन यानी किण्वन आधारित थोक औषधियों के लिए लंबी निर्माण अवधि आदि जैसी कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ा है। रासायनिक संश्लेषण के विपरीत, किण्वन जीवित कोशिकाओं की जैविक गतिविधि पर निर्भर करता है, जिनकी वृद्धि की गति प्राकृतिक और धीमी होती है। इन सब कारणों से परियोजनाएं आरंभ होने में देरी हुई। इससे निधि वितरण भी प्रभावित हुआ क्योंकि प्रोत्साहन राशि इन परियोजनाओं में निर्मित उत्पादों की बिक्री के आधार पर जारी की जाती है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि सरकार चिकित्सा उपकरणों के लिए पीएलआई योजना भी चला रही है और इसमें मार्च 2026 तक 266.64 रुपए वितरित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के अंतर्गत पिछले दो वित्तीय वर्षों में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर कुल बिक्री 4274.66 करोड़ रुपए रही। इसमें से वित्त वर्ष 2024-25 में बिक्री 2022.47 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2025-26 में बिक्री 2252.19 करोड़ रुपए रही है।

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