मंधाना का बड़ा सपना, 10 हजार रन क्लब में चाहती हैं 3-4 और भारतीय
दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप के मुकाबले में उनकी 124 रनों की धमाकेदार पारी ने न सिर्फ भारत को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज भी बना दिया।
मंधाना ने 64 गेंदों में 124 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम महज 56 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 137 रन से अपने नाम कर लिया।
इस पारी के दौरान मंधाना ने पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज मिताली राज का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। तीनों फॉर्मेट मिलाकर मंधाना के नाम अब 10,880 अंतरराष्ट्रीय रन हो गए हैं, जबकि मिताली राज ने अपने करियर में 10,868 रन बनाए थे।
हालांकि, इस रिकॉर्ड को लेकर मंधाना का नजरिया सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह बचपन से मिताली राज को अपना आदर्श मानती रही हैं और कभी उन्होंने नहीं सोचा था कि एक दिन वह 10,000 रन के आंकड़े तक पहुंचकर उनसे आगे निकल जाएंगी।
मंधाना ने भविष्य को लेकर अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि वह 10,000 रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में भारत की तीन-चार और क्रिकेटरों को देखना चाहती हैं। उनके मुताबिक, अगर शीर्ष पांच खिलाड़ियों में तीन या चार भारतीय नाम हों, तो वह इसे अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानेंगी।
भारतीय महिला क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में मंधाना की भूमिका भी लगातार अहम रही है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड और आंकड़ों से ज्यादा उनके लिए यह मायने रखता है कि उनके खेल से युवा लड़कियों को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा मिले। अगर उनकी वजह से कुछ प्रतिशत लड़कियां भी बैट और बॉल उठाकर क्रिकेट शुरू करती हैं, तो उन्हें इस बात पर हमेशा गर्व रहेगा।
अपने खेल को लेकर भी मंधाना ने साफ किया कि क्रिकेट में कोई खिलाड़ी कभी पूरी तरह परिपूर्ण नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, जैसे ही किसी क्रिकेटर को लगता है कि उसने सब कुछ हासिल कर लिया है, खेल उसे किसी न किसी तरह अपनी कमियां दिखा देता है। इसलिए वह लगातार अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करती रहती हैं।
हांगकांग के खिलाफ पारी में सात छक्के लगाने को लेकर मंधाना ने बताया कि वह अपनी छक्के लगाने की क्षमता पर लगातार काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य लॉन्ग-ऑफ और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से गेंद पहुंचाने का आत्मविश्वास बढ़ाना है। उनकी यह आक्रामक बल्लेबाजी महिला क्रिकेट में बदलते खेल की झलक भी दिखाती है।