ओडिशा को मिलेगी विकास की नई रफ्तार, 8,300 करोड़ का तटीय हाईवे बनेगा गेमचेंजर
नई दिल्ली। ओडिशा के समुद्री तट पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। 8,300.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 160.18 किलोमीटर लंबा रामेश्वर–पारादीप तटीय हाईवे प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन और परिवहन व्यवस्था को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना के तहत रामेश्वर से कोणार्क तक चार लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे और कोणार्क से पारादीप तक दो लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिज़ाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
परियोजना पूरी होने के बाद रामेश्वर और पारादीप के बीच यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे तक कम होने की संभावना है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी अधिक सुगम होगा और क्षेत्रीय व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।
पीएम गतिशक्ति योजना के अनुरूप विकसित होने वाला यह हाईवे 9 आर्थिक केंद्रों और 5 लॉजिस्टिक्स हब को जोड़ेगा। साथ ही पारादीप बंदरगाह, पुरी रेलवे स्टेशन, प्रस्तावित पुरी हवाई अड्डे और अन्य प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित करेगा।
यह कॉरिडोर खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरेगा। इससे जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और रामचंडी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। हर साल लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
नई सड़क परियोजना से ओडिशा के तटीय पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। समुद्र तटों, ऐतिहासिक धरोहरों, जैव विविधता वाले क्षेत्रों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच बनने से बीच टूरिज्म, ईको-टूरिज्म और प्रकृति आधारित पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। गाहिरमाथा कछुआ प्रजनन क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिक स्थलों तक पहुंच भी अधिक सुविधाजनक होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ स्थानीय स्तर पर होटल, होमस्टे, रेस्तरां, हस्तशिल्प बाजार और पर्यटन आधारित छोटे-बड़े कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।