12 साल में संसद ने बदली तस्वीर, रिजिजू ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां
नई दिल्ली। मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार और संसद की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने कई ऐतिहासिक और दूरगामी बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि केवल लंबे समय तक शासन करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उस दौरान लिए गए फैसलों का प्रभाव भी उतना ही अहम होता है।
प्रेस वार्ता के दौरान रिजिजू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में संसद ने कई ऐसे निर्णय लिए, जिन्होंने देश की प्रशासनिक, सामाजिक और संवैधानिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए। उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि वर्षों से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नए संसद भवन में पारित पहला विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना देश की एक बड़ी संवैधानिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू कर ‘एक देश, एक टैक्स’ की व्यवस्था को भी ऐतिहासिक सुधार बताया। उनके अनुसार इन फैसलों ने देश की एकता और आर्थिक व्यवस्था को नई दिशा दी।
रिजिजू ने कहा कि सरकार ने अप्रासंगिक हो चुके 1,700 से अधिक पुराने कानूनों को समाप्त किया, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। महिलाओं, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानून भी इसी अवधि में बनाए गए। तीन तलाक कानून, मातृत्व अवकाश अवधि में वृद्धि और नागरिकता संशोधन अधिनियम जैसे कदमों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए आपराधिक कानून लागू किए गए। इसके अलावा श्रम सुधारों के तहत चार लेबर कोड्स और जन विश्वास विधेयक जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए।
रिजिजू ने कहा कि संसद की कार्यप्रणाली में भी बड़ा बदलाव आया है। आज संसद पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ चुकी है, जहां प्रश्न, नोटिस और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित हो रही हैं। इसी मॉडल पर देश की विधानसभाओं को भी डिजिटल बनाने का कार्य जारी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती मिली है और बीते 12 वर्षों में लिए गए निर्णय देश के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे।