Dark Mode
इंडोनेशिया में पीएम मोदी का सम्मान, साझेदारी को बताया मानवता के लिए अहम

इंडोनेशिया में पीएम मोदी का सम्मान, साझेदारी को बताया मानवता के लिए अहम

नई दिल्ली।  इंडोनेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने देश के सर्वोच्च सम्मान 'बिन्तांग अदिपुर्ना ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया' से सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पीएम मोदी ने इसे भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों की जनता के स्नेह का प्रतीक बताया।

दोनों देशों के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, शिक्षा, डिजिटल भुगतान और आपूर्ति श्रृंखला जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इस अवसर पर कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में नई ऊर्जा और गहराई आई है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है और इसका सकारात्मक प्रभाव 21वीं सदी की दुनिया तथा पूरी मानवता पर पड़ेगा।

रक्षा और समुद्री सहयोग को लेकर दोनों देशों ने कई अहम फैसले लिए हैं। भारत और इंडोनेशिया के कोस्टगार्ड हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही ब्लू इकोनॉमी, पोर्ट डेवलपमेंट और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की किफायती दवाओं की पहुंच इंडोनेशिया तक बढ़ाने और वहां के डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के क्षमता निर्माण में सहयोग करने पर भी सहमति बनी। वहीं, भारत में विकसित गेहूं के बीजों की आपूर्ति से इंडोनेशिया की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीकॉम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु का कैंपस खोलने की घोषणा भी की गई, जिससे पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंध सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने खुशी जताई कि भारत की यूपीआई प्रणाली और इंडोनेशिया के भुगतान तंत्र को एकीकृत करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है, जिससे व्यापार और यात्रा दोनों को नई गति मिलेगी।

सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने एक हजार वर्ष पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण परियोजना को आगे बढ़ाने और रवींद्रनाथ टैगोर की ऐतिहासिक इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष को विशेष रूप से मनाने का भी फैसला किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता में एकता और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के विचारों में गहरा सामंजस्य है। उन्होंने दोहराया कि भारत और इंडोनेशिया संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं तथा दोनों देशों के सामने साझा समृद्धि का एक नया दौर दस्तक दे रहा है।

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!