राष्ट्रपति मुर्मु का ऐतिहासिक मोल्दोवा दौरा, नई साझेदारी की उम्मीद
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने तीन देशों के विदेश दौरे की शुरुआत मोल्दोवा से की है। सोमवार को वह मोल्दोवा की राजधानी चिसीनाउ पहुंचीं, जहां उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मिहाई पोपसोई ने उनका औपचारिक स्वागत किया। किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली राजकीय मोल्दोवा यात्रा मानी जा रही है, जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मु यह दौरा मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू के निमंत्रण पर कर रही हैं। अपने प्रवास के दौरान वह राष्ट्रपति सैंडू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा के साथ भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने पर भी विचार होगा।
दौरे के कार्यक्रम में मोल्दोवा की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु और मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात भी शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रपति मुर्मु एक बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगी और मोल्दोवा में रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत और मोल्दोवा के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं और यह यात्रा उन्हें नई दिशा देने का अवसर प्रदान करेगी। कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान रहेगा।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और लोगों के आपसी संपर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह भारत की पूर्वी यूरोप में कूटनीतिक भागीदारी को भी नया विस्तार देगी।
मोल्दोवा दौरे के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नॉर्थ मेसेडोनिया और रोमानिया का भी दौरा करेंगी, जहां वह कई उच्चस्तरीय बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस पूरे दौरे को भारत के यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।