युवाओं के मुद्दे पर राहुल का सवाल, संसद में बहस क्यों नहीं?
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए और यदि संसद भी इस विषय पर चर्चा नहीं कर सकती, तो उसके उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई और पेपर लीक मामलों पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की थी। उनके अनुसार, स्पीकर ने कहा कि इस विषय पर चर्चा के लिए सरकार से बातचीत करनी होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जो घटनाएं हुईं, उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही छात्रों से माफी मांगी। राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली गंभीर संकट से गुजर रही है और इसे लगातार कमजोर किया गया है। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी राहुल गांधी ने अपनी बात दोहराई। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने अपने भविष्य को लेकर उचित सवाल उठाए थे, लेकिन जवाब देने के बजाय उनके साथ सख्ती की गई। उन्होंने सवाल किया कि यदि संसद युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर उसकी भूमिका क्या रह जाती है।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे को शांत नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संसद के भीतर भी मजबूती से उठाई जाएगी। उनका कहना था कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए और युवाओं का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।