NDA बैठक में नीट पर बड़ा संदेश, दोषियों पर होगी सबसे सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को युवाओं के भविष्य, देश के विकास और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। बैठक के बाद कई नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त रुख अपनाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि संसद के प्रत्येक सत्र से पहले प्रधानमंत्री एनडीए सांसदों के साथ संवाद करते हैं। इस बार भी उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, उनकी प्रतिभा और देश निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन भारतीय युवाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है।
बैठक में नीट पेपर लीक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा उदाहरण पेश करना है, जिससे भविष्य में कोई भी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विज्ञान, तकनीक और हाइड्रोजन ट्रेन जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कई बड़ी उपलब्धियों को जितनी प्रमुखता मिलनी चाहिए, उतनी चर्चा नहीं हो पाती, जबकि वे देश की प्रगति का प्रतीक हैं।
कंगना रनौत ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को युवाओं की अपेक्षाओं को समझने और उनके हित में काम करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने नीट मामले में सरकार की रणनीति और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा से भी सांसदों को अवगत कराया।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कंगना ने दिल्ली पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण हालात के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से हर क्षण देश और जनता की सेवा के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने "देश सबसे ऊपर" की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था, वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव और दुनिया में भारतीय युवाओं की बढ़ती पहचान का भी उल्लेख किया।