ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यो मे धांधली का लगाया आरोप
सपोटरा . उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गज्जूपुरा मे महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना के कार्यो मे ग्रामीणो के द्वारा धांधली की शिकायत सम्पर्क पोर्स्टल,विकास अधिकारियों सहित उपखंड अधिकारी को मनरेगा के कार्यो की शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अधिकारियों के जूं तक नही रेंग रही है। ऐसे मे ग्राम पंचायत के लोगो मे ग्राम पंचायत सरपंच व ग्राम विकास अधिकारियो के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणो ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा गरीब तबके के लोगो को महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजनान्तर्गत दिए जा रहे कार्यो मे श्रमिको से रोजगार के नाम पर राशि वसूलने का भी आरोप लगाया है।
मौके पर नही है कार्य
महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजनार्न्तत पंचायत द्वारा करवाए जा रहे कार्य मे पंचायत द्वारा 27 जनवरी से पंचायत मे करीबन 15 स्थानो पर अलग अलग कार्यो के लिए मिस्टोल जारी की गई थी जिस पर मनरेगा कार्य 11 फरवरी को पूर्ण किया गया था। मनरेगा कार्यो की ग्राम पंचायत के लोगो के द्वारा लगातार शिकायत भी की गई थी लेकिन अधिकारियो के द्वारा मौके पर पहुचकर के मनरेगा के कार्यो की जांच तक नही की गई। ऐसे मे पंचायत मे करवाए जा रहे मनरेगा के कार्यो के लिए नियुक्त किए गएद मेटो के द्वारा पुराने कार्यो को दिखाकर के मनरेगा के मद से भुगतान उठाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
इन जगहों पर नही है कार्य।
महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजनार्न्तगत ग्राम पंचायत गज्जूपुरा मे काली डोंगरी,शमशान घाट के पास खावदा,डाबिर की नदी,जोडी,कीरतपुरा आदि सहित अनेको स्थानो मे गरीब तकबे के लोगो को रोजगार देने के लिए मनरेगा से कार्य स्वीकृत किए गए थे। लेकिन कई स्थानो मे मेटो के द्वारा मनरेगा योजना से कार्य तक नही करवाया गया। ऐसे मे पंचायत समिति की उदासीनता के चलते सरकार की राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।
फर्जीबाड़ा कर भुगतान उठाने का लगाया आरोप।
पंचायत के लोगो ने पंचायत समिति के कार्मिको पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत समिति के कार्मिक व ग्राम पंचायत के मेट कार्मिको से तालमेल बैठाकर के सरकारी राशि का दुरूपयोग कर रहे है। ऐसे मे ग्रामीणो ने मनरेगा के द्वारा करवाए गए कार्यो की जांच करवाने की मांग की है।
जेसीबी के माध्यम से होता कार्य।
ग्रामीणो ने आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा करवाए जा रहे मनरेगा के कार्यो मे श्रमिको के स्थानो पर जेसीबी मशीनो से मनरेगा के कार्यो को करवाया जाता है। जिसके एवज मे मेटो के द्वारा श्रमिको से राशि वसूलने का भी आरोप लगाया है। मेटो के द्वारा श्रमिको से तीन सौ से चार सौ रूपये तक वसूले जाते है जिससे श्रमिको उनका पूरा दाम तक नही मिल पाता है।
यह बोले अधिकारी
कनिष्ठ सहायक बाबूलाल मीना का कहना है मनरेगा के द्वारा जारी मिस्टोल को लेकर के पूर्व मे मेटो को श्रमिको की पूर्ण उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज करने की हिदायत दी जा चुकी है। यदि श्रमिको के द्वारा मौके पर कार्य नही किया गया है तो मौका स्थिति की जांच कर हाल ही मे करवाए जा रहे सम्पूर्ण कार्यो की जांच कर मनरेगा के कार्यो को जीरो किया जावेगा। हाल ही मे किए गए कार्यो का किसी भी प्रकार का भुगतान तक नही किया गया है। जांच करने के बाद ही मौका स्थिति का मालूम चलेगा।