आचार्य धर्म सागर महाराज का 111 वां जन्म दिवस भक्तिभाव से मनाया
सीकर,मुहम्मद सादिक। पौष शुक्ल पूर्णिमा को आचार्य धर्म सागर महाराज का 111 वां जन्म(अवतरण) दिवस भक्तिभाव से मनाया गया। भगवान महावीर चैरिटी ट्रस्ट सीकर के अध्यक्ष विमल झांझरी रेटा व मंत्री किशोर संगही ने बताया कि इस अवसर पर सालासर रोड़ स्थित आचार्य धर्मसागर समाधि स्थल पर सांयकाल महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें जैन समाज के श्रद्धालु सम्मिलित हुए । समाज के विवेक पाटोदी ने बताया कि आचार्य धर्म सागर महाराज प्रथम आचार्य चरित्र चक्रवती शांति सागर महाराज दक्षिण की परंपरा के तृतीय पट्टाचार्य थे। आचार्य श्री धर्म सागर जी महाराज का जन्म 12 जनवरी 1914, पौष शुक्ल पूर्णिमा संवत को हुआ था । तीर्थंकर श्री धर्मनाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक के दिन राजस्थान के गंभीरा नामक स्थान पर जन्मे आचार्य श्री के पिता बख्तावरमल जी और माता का नाम श्रीमती उमराव देवी जी है। महामना भव्य पुण्यात्मा आचार्य श्री के जन्म की तरह समाधि भी तीर्थंकर श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान के केवलज्ञान कल्याणक दिवस पर हुआ। आचार्य श्री की समाधि, वैशाख कृष्णा 9 नवमी विक्रम संवत 2044 सन् 22 अप्रैल 1987 को स्थान सीकर, राजस्थान में हुई।