हिमाचल में 55 दिन में 113 लैंडस्लाइड, 330 की मौत
स्टेट डिजास्टर घोषित, 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान; छत्तीसगढ़ सीएम 11 करोड़ रुपए देंगे
हिमाचल प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से भारी बारिश जारी है। इस मानसून सीजन 55 दिनों में 113 बार लैंडस्लाइड हुई। बारिश और लैंडस्लाइड से जुड़ी घटनाओं में 330 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच शुक्रवार को राज्य सरकार ने स्टेट डिजास्टर घोषित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कुछ देर में इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। स्टेट डिजास्टर घोषित होने के बाद प्रदेश में राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आ सकेगी। सरकार ज्यादा फोकस के साथ तबाह हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर को दोबारा बनाने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए सरकार को अतिरिक्त फंड का भी प्रावधान करना होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने हिमाचल के लिए 11 करोड़ रुपए सहायता राशि देने का ऐलान किया है। राज्य आपदा अधिकारियों के मुताबिक, हिमाचल में इस सीजन बारिश के चलते 10 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हिमाचल में 17,120 लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्र हिमाचल में लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्र बढ़कर 17,120 हो गए हैं। इनमें भी 675 के किनारे इंसानी बस्तियां हैं। शिमला में कई सरकारी भवन भूस्खलन के खतरे की जद में हैं। हिमाचल में 68 सुरंगें बन रही हैं। इनमें 11 बन चुकी हैं, 27 निर्माणाधीन हैं और 30 विस्तृत परियोजना की रिपोर्ट तैयार हो रही हैं। इनमें कई प्रोजेक्ट केंद्र के हैं। इससे राज्य में भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्र बढ़ेंगे।
हिमाचल के पहाड़ों को नुकसान पहुंचने की वजहें
अवैज्ञानिक निर्माण- पहाड़ों को सीधा काटा, इसमें चट्टानों की नींव भी कट गईं।
पानी रुक गया- ढलान खत्म होने से पानी बह नहीं रहा, सीधे पहाड़ों में बैठ रहा।
बहाव पर अतिक्रमण- पानी के बहाव पर बस्तियां बस गईं, निकासी का रास्ता बंद हो गया। हिमाचल में हुई बारिश से पंजाब के 7 जिले बाढ़ की चपेट में है। इनमें होशियारपुर, रोपड़, तरनतारन, कपूरथला, अमृतसर, फिरोजपुर और गुरदासपुर बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें से गुरदासपुर की हालत सबसे अधिक नाजुक बनी हुई है। इन हालातों के बीच राहत की खबर सामने आई है।