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‘मन की बात’ का 131वां संस्करण: एआई इम्पेक्ट समिट में दुनिया को दिखी भारत की क्षमताएं

‘मन की बात’ का 131वां संस्करण: एआई इम्पेक्ट समिट में दुनिया को दिखी भारत की क्षमताएं

डेयरी क्षेत्र में एआई के उपयोग, प्राचीन भारतीय ग्रंथों के डिजिटल संरक्षण जैसे नवाचारों ने विश्व को किया प्रभावित, किसान अब उत्पादन के साथ गुणवत्ता एवं वैश्विक बाजार पर केन्द्रित- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

‘मन की बात’ कार्यक्रम से देश का हर नागरिक हो रहा प्रेरित- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम की ‘131वीं कड़ी’ में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वाटिका स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामुदायिक केन्द्र में आमजन के साथ मन की बात कार्यक्रम सुना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत की उपलब्धियों, तकनीकी प्रगति, सामाजिक जागरूकता और कृषि क्षेत्र की सफलताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई इम्पेक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समिट के माध्यम से दुनिया को एआई के क्षेत्र में भारत की अद्भुत क्षमताएं देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय एआई मॉडल, डेयरी क्षेत्र में एआई के उपयोग और प्राचीन भारतीय ग्रंथों के डिजिटल संरक्षण जैसे नवाचारों ने विश्व भर के लोगों को प्रभावित किया है। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से बचने के लिए केवल अधिकृत माध्यमों से ही केवाईसी अपडेट करें, किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें तथा समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें। उन्होंने मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के लिए नागरिक जागरूकता को आवश्यक बताया। मोदी ने किसानों को धरती के सच्चे साधक बताते हुए कहा कि देश के किसान अब परंपरा और तकनीक का संतुलित उपयोग कर रहे हैं तथा गुणवत्ता और उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ नए बाजार पर भी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने ओडिशा के एक किसान द्वारा बहुउद्देशीय खेती मॉडल, केरल में धान की विविध किस्मों के संरक्षण और भारत के विश्व के सबसे बड़े चावल उत्पादक बनने जैसी उपलब्धियों को प्रेरक बताया। साथ ही, कृषि उत्पादों के निर्यात और जीआई टैग वाले उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को किसानों की प्रगति का संकेत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़कर भारत की संस्कृति से जुड़ी चीजों को महत्व देने लगा है।

इस दिशा में राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी को ‘राजाजी उत्सव’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन के केन्द्रीय प्रांगण में सी. राजगोपालाचारी जी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी ने सत्ता को सेवा की तरह देखा। सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण, आत्मसंयम और स्वतंत्र चिंतन, आज भी हमें प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महाकुंभ एवं केरल कुम्भ (मामंगम) जैसी सांस्कृतिक परंपराओं की एकता पर बल दिया। उन्होंने आगामी त्योहारों के अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने टी-20 विश्व कप में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की वैश्विक उपस्थिति एवं अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रेरक उदाहरणों की सराहना की। उन्होंने किडनी ट्रांस्पलांट कराकर स्पोर्टिंग एक्टिविटी में कमाल कर रहे सीकर के रामदेव सिंह का जिक्र करते हुए अंगदान के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।

विकसित भारत-विकसित राजस्थान का संकल्प होगा साकार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश के हर राज्य, हर व्यक्ति को प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार युवा, महिला, किसान और गरीब के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने दो वर्ष में की गई 2719 बजट घोषणाओं में से 2450 घोषणाओं पर कार्य शुरू कर दिया है। जबकि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में कुल 4148 घोषणाएं की, जिनमें से 1935 पर ही काम किया। शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार संकल्प पत्र के हर एक वादे को पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-विकसित राजस्थान का संकल्प साकार होगा। इस अवसर पर सांसद मती मंजू शर्मा, विधायक कैलाश वर्मा, रामावतार बैरवा, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने लिया चाय का स्वाद

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के बाद वाटिका से लौटते समय चाय की दुकान पर रुककर चाय का स्वाद लिया और वहां मौजूद आमजन से आत्मीयता से मुलाकात की। इस दौरान वहां उपस्थित छात्राओं ने पेपरलीक की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं भर्ती परीक्षाओं के कलेंडर निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। मुख्यमंत्री से चॉकलेट पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

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