चंबल नदी में छोड़े 13 नर और 14 मादा घड़ियाल
धौलपुर। देवरी घड़ियाल केंद्र में पाले गए 27 घड़ियालों को चंबल नदी के राजघाट पर छोड़ा गया है। घड़ियालों को संरक्षित करने के लिए विश्व प्रसिद्ध देवरी घड़ियाल केन्द्र से चंबल नदी में घड़ियालों के कुनबे में बढ़ोतरी की गई है। देवरी घड़ियाल केंद्र में पाले गए 27 घड़ियालों कोराजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमा में बह रही चंबल नदी में छोड़ा गया है। इनमें 13 नर और 14 मादा घड़ियाल शामिल हैं। मध्यप्रदेश के सीसीएफ टीएस सुलिया और चंबल घड़ियाल सेंचुरी के अधीक्षक भूरा गायकवाड़ और उनकी टीम मुरैना-धौलपुर के बॉर्डर पर चंबल नदी के जैतपुर घाट पर पहुंची। यहां अलग-अलग बक्सों में रखकर घड़ियालों को लाया गया और एक-एक करके उन्हें नदी के पानी में छोड़ा गया। इन सभी घड़ियालों की उम्र तीन साल के करीब है। ये घड़ियाल एक से डेढ़ महीने तक नदी के किनारे पर ही विचरण करेंगे, फिर गहरे पानी की ओर बढ़ जाएंगे। आपको बता दें कि चंबल नदी किनारे रेत में जहां मादा घड़ियाल अण्डे देते हैं। वहां से अण्डों को इकट्ठा करके देवरी घड़ियाल सेंटर में इनकी हेचिंग की जाती है और इंसानी देखरेख में ही अंडों से घड़ियाल के बच्चे बाहर आते हैं। करीब तीन साल तक इन्हें मछलियां खिलाकर सेंटर पर ही पाला जाता है और जैसे ही इनकी लंबाई 120 सेंटीमीटर होती है। वैसे ही इन्हें चंबल नदी में छोड़ दिया जाता है। सर्दी के दिनों में ही घड़ियालों को नदी में छोड़ा जाता है। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पूरे देश में घड़ियालों की सबसे ज्यादा संख्या चंबल नदी में ही है।