21 दिवसीय पाण्डित्य प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
रतनगढ़ ।
उपनिषदों में कहे गये मूलवाक्य हमें चारित्रिक दृष्टि से अच्छा बनाते हैं। पाण्डित्य प्रशिक्षण शिविर में अतिथि के रूप में बोलते हुए कहे। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय बीकानेर से सेवानिवृत्त प्राचार्य रामगोपाल शर्मा ने ब्रह्म शब्द पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्रेष्ठ-चरित्र निर्माण पर बद दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चन्द्र इन्दौरिया ने प. विष्णुदत्त शास्त्री के द्वारा किये गये कार्यों का स्मरण करते हुए विप्रवदुओं को पाडित्य प्रशिक्षण में सीखे जान का अभ्यास करते रहने के लिए प्रेरित किया। इससे पूर्व मंचस्त अतिथियों द्वारा संत शिरोमणि सोभानन्द महाराज व स्व. पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। विप्रबन्धुओं ने समवेत स्वर में मंगला-चरण किया। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि बजरंग लाल महर्षि, खाण्डल विप्र महासभा अध्यक्ष बद्रीप्रसाद बंशीया, छः न्याती ब्राह्मण समाज के युवा अध्यक्ष व प्रतिनिधि नीलेश इन्दौरिया, दीपक डिडवानिया, अनिल पारीक, मनमोहन सारस्वत व व्यवस्थापक राशि कांत घरेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए अधिष्ठाता दिवाकर शास्त्री ने बताया कि शिविर में 86 विप्रवद्धओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनकों अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरण किये गये। इस अक्सर पर भूराराम महर्षि, महावीर शर्मा, वासुदेव महर्षि वासुदेव चाकलान, नरेन्द्र मोहन शर्मा, निर्भय हरितवाल, नरेन्द्र सांकृत्य, गोपालकृष्ण लाटा, मोहन शर्मा, गजानन शर्मा, अजनी इन्दौरिया, सुमित कुमार सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे। मंचीय संचालन सुधाकर शर्मा ने किया।