298 वां भिक्षु जन्मोत्सव बोधी दिवस मनाया
आमेट. युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण की सुशिष्या साध्वी श्री कीर्तिलता के पावन सानिध्य में तेरापंथ धर्म संघ के आधप्रणेता आचार्य श्री भिक्षु का 298 वां जन्मदिवस बोधी दिवस के रूप में मनाया गया ।कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ युवक परिषद निवर्तमान अध्यक्ष पवन कच्छारा, मंत्री विपुल पितलिया द्वारा मंगलाचरण से आह्वान किया। साध्वी श्री कीर्ति लता ने अपने मंगल उद्बोधन में आचार्य श्री भिक्षु का तेरह की संख्या के साथ घनिष्ठ संबंध जुड़ा हुआ है। जन्म व महाप्रयाण तेरह को हुआ। पंथ का नाम भी तेरापंथ व उस समय साधु और श्रावक की संख्या भी तेरह ही थी। आपने तेरापंथ धर्म संघ को एक महल की उपमा देते हुए कहां यह एक ऐसा महल है। जिसकी नीव में विनय समर्पण व अनुशासन बोल रहा है। साध्वी श्री श्रेष्ठप्रभा ने प्रत्यूसन्नमेघा के धनी बताते हुए कहा। इन्हें किसी स्कूल में अध्ययन करना नहीं पड़ा फिर भी महाज्ञानी बन गए।चमत्कारी घटनाओं के माध्यम से अचार्य श्री भिक्षु को चमत्कारी पुरुष बताया। साध्वी पूनम प्रभा ने सुमधुर गीतिका की प्रस्तुति दी। साध्वी श्री शांति लता ने तेले की प्रेरणा देते हुए सब के उत्साह को जागरूक किया। गौरतलब है कि साध्वी श्री जी की विशेष प्रेरणा से आचार्य श्री महाश्रमण के दीक्षा के 50 वे वर्ष पूरे होने पर 50 भाइयों बहनों ने उपवास का पौषध किये। कार्यक्रम मे श्रावक-श्राविकाओ की अच्छी उपस्थिति रही।