38वीं यूथ बास्केटबॉल प्रतियोगिता : जयपुर गर्ल्स व सीकर बनी विजेता
खेल में हार व जीत दोनो ही खिलाडियों के लिए महत्वपूर्ण है — सिटी एसपी शरद चौधरी
कोटा। 38वीं यूथ बास्केटबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल व फाइनल मैच रविवार को उम्मेद क्लब जे के पवेलियन में आयोजित किए गए। 3 दिन चले खेल में विभिन्न टीमों ने अपना दमखम दिखाया। संघ के अध्यक्ष लोकेंद्र राजावत ने बताया कि रविवार सुबह को 38वीं बास्केटबॉल प्रतियोगिता सेमीफाइनल मैच में कोटा की लड़कियों ने हनुमानगढ़ की टीम पर शुरू से ही दबदबा कायम रखा और मैच को 57—27 से हराकर फाइनल मैच में स्थान बनाया। वहीं जयपुर गर्ल्स ने सीकर 48—38 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। सीकर की टीम ने हनुमानगढ़ को हराकर बालिका वर्ग के तीसरे पायदान पर अपना नाम दर्ज करवाया। बालक वर्ग के सेमिफाइनल मुकाबलों में जैसलमेर अकादमी ने जयपुर को कांटे के मैच में 77—76 अंको से हराया और सीकर ने भीलवाड़ा को 82—74 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
रविवार को आयोजित फाइनल मैच में मुख्य अतिथि कोटा सिटी एस पी शरद चौधरी रहे। उन्होने खिलाडियों को जीवन मंत्र देते हुए कहा कि खेल की प्रकृति ऐसी होती है कि हर खिलाड़ी कभी न कभी जीत और हार दोनों का अनुभव करता है। हार और जीत दोनों खेल का हिस्सा हैं और वे हमेशा एक खिलाड़ी को प्रभावित करते हैं। खिलाड़ियों के जीवन में सफलता और हार दोनों का महत्व होता है। अगर खिलाड़ी कभी हार मान लेता है और सीखता है, तो उसे अपनी कमियों को सुधारने का मौका मिलता है और वह आगे बढ़ने के लिए मजबूत होता है। इसी तरह, जीत उन्हें आत्मविश्वास और संतोष प्रदान करती है और उन्हें अगले मुकाबले के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा देती है।
विशिष्ट अतिथि एडीएम रेवेन्यू राजकुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि खेल न केवल मनोरंजन का एक साधन होता है, बल्कि यह जीवन में अनेक महत्वपूर्ण मानवीय गुणों को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।खेल अनुशासन को बढ़ावा देता है, जो जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी लाभदायक होता है। अनुशासन से हम दृढ़ता, समर्पण, धैर्य, सहनशीलता, सहनशीलता, संयम, और उत्साह जैसे महत्वपूर्ण गुण प्राप्त करते हैं। अध्यक्षता कर रहे संघ के अध्यक्ष लोकेंद्र राजावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि खिलाड़ियों को सफलता का मार्ग बताते हुए कहा कि जो आज हारा है, वही कल जीत सकता है। उन्होने कहा कि उचित योजना बनाएं,निरंतर अभ्यास करें,स्वयं को प्रोत्साहित करें और सकारात्मकता व आत्मविश्वास से कार्य करेंगे तो सफलता आपके पास स्वयं आयेगी।
इस अवसर पर राजस्थान बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष ने खिलाड़ियों को लक्ष्य की साधना करने का सलाह देते हुए कहा कि जीतने की ललक और जोश वाले खिलाड़ी निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते है,परन्तु इसमें समर्पण, अभ्यास और योग्यता संयोजन होता है खिलाडी इतिहास रचते है। सीकर व जयपुर ने जीता खिताबी मुकाबला रविवार देर शाम को आयोजित फाइनल मुकाबले में मुकाबलों बालक वर्ग में सीकर व जैसलमेर अकेडमी के बीच खिताबी भिड़ंत हुई। सीकर ने अच्छे खेल का नजारा पेश किया तो जैसलमेन ने भी मैच के खिलाड़ियों ने दर्शको का बेहतरीन बास्केटबॉल का खेल दिखाकर उत्साहित किया। सीकर ने एकाग्रता व संयम से खेलते हुए 90 अंक अर्जित किए जैसलमेर की टीम 71 बॉस्केट ही कर सकी और सीकर ने खिताबी मुकाबला 90—71 से सीकर के नाम रहा। वही बालिका वर्ग में खिताबी मुकाबला जयपुर व कोटा की टीम के बीच खेला गया। जयपुर की टीम ने कोटा की टीम को खिताबी मुकाबले में 60—41 से हराकर मैच पर कब्जा किया और जयपुर की टीम बालिका वर्ग में 38वीं यूथ बास्केटबॉल प्रतियोगिता की विजेता बनी। विजेता टीम को अतिथियों ने मेडल ,सर्टिफिकेट और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।