रेल हादसा : ओडिशा में तीन ट्रेन टकराईं, 290 की मौत
बेपटरी यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से कोरोमंडल ट्रेन टकराई, फिर मालगाड़ी से भिड़ी, 1000 घायल
भुवनेश्वर .. ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम ट्रेन हादसे में 290 लोगों की मौत हो गई। एक्सीडेंट में 900 से ज्यादा यात्री घायल हुए। रेलवे के मुताबिक 650 लोगों को अस्पताल में एडमिट किया गया है। हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शाम करीब 7 बजे हुआ।
रेलवे के मुताबिक कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थीं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बाोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से भिड़ गईं। कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं . वही शनिवार सुबह केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंचे। रेल मंत्रालय ने घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। NDRF की तीन टीमें और 20 से ज्यादा फायर सर्विस एंड रेस्क्यू टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। 1200 बचाव कर्मी मौजूद हैं घटना स्थल पर वही भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर 115 एम्बुलेंस, 50 बसें और 45 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स तैनात हैं। वही NDRF, राज्य सरकारों की टीम और एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर्स रेस्क्यू के लिए पहुंच गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भुवनेश्वर और कोलकाता से रेस्क्यू टीमें भेजी गई हैं। वही शुक्रवार को 2000 से ज्यादा लोग रात भर से बालासोर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बाहर खड़े रहे, ताकि घायलों को मदद पहुंचा सकें। कई लोगों ने खून भी डोनेट किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भुवनेश्वर AIIMS में घायलों के लिए पर्याप्त बिस्तर और ICU समेत जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।ताकि किसी को भी कोई परेशानी नहीं आये। वही हादसे वाले रूट की छह ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं। वहीं कई गाड़ियों का रूट बदला गया है। रेस्क्यू के बाद ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू होगा। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर दुख जताया। राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। वही इस ट्रेन दुर्घटना के बाद शनिवार को होने वाला गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का इनॉगरेशन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
रेलवे के मुताबिक कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थीं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बाोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से भिड़ गईं। कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं . वही शनिवार सुबह केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंचे। रेल मंत्रालय ने घटना की जांच के आदेश भी दिए हैं। NDRF की तीन टीमें और 20 से ज्यादा फायर सर्विस एंड रेस्क्यू टीमों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। 1200 बचाव कर्मी मौजूद हैं घटना स्थल पर वही भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर 115 एम्बुलेंस, 50 बसें और 45 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स तैनात हैं। वही NDRF, राज्य सरकारों की टीम और एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर्स रेस्क्यू के लिए पहुंच गए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भुवनेश्वर और कोलकाता से रेस्क्यू टीमें भेजी गई हैं। वही शुक्रवार को 2000 से ज्यादा लोग रात भर से बालासोर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बाहर खड़े रहे, ताकि घायलों को मदद पहुंचा सकें। कई लोगों ने खून भी डोनेट किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भुवनेश्वर AIIMS में घायलों के लिए पर्याप्त बिस्तर और ICU समेत जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।ताकि किसी को भी कोई परेशानी नहीं आये। वही हादसे वाले रूट की छह ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं। वहीं कई गाड़ियों का रूट बदला गया है। रेस्क्यू के बाद ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू होगा। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हादसे पर दुख जताया। राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। वही इस ट्रेन दुर्घटना के बाद शनिवार को होने वाला गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का इनॉगरेशन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।
ट्रेन नंबर 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1 जून को सुबह 7:30 बजे बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से चली थी। इसे 2 जून को शाम करीब 8 बजे हावड़ा पहुंचना था। यह अपने समय से 3.30 घंटे की देरी से 6:30 बजे भद्रक पहुंची। अगला स्टेशन बालासोर था, जहां ट्रेन 4 घंटे की देरी से 7:52 पर पहुंचने वाली थी। वहीं ट्रेन नंबर 12841 शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस 2 जून को ही दोपहर 3:20 बजे हावड़ा से रवाना हुई थी। ये 3 जून को शाम 4:50 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचती। यह अपने सही समय पर 6:37 बजे बालासोर पहुंची। अगला स्टेशन भद्रक था जहां ट्रेन को 7:40 बजे पहुंचना था। लेकिन, 7 बजे करीब दोनों ट्रेन बहानगा बाजार स्टेशन के पास से आमने-सामने से गुजरीं, तभी हादसा हुआ।