श्रीपंचमुखी बालाजी धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का हुआ शुभारंभ
रतनगढ़ । श्रीपंचमुखी बालाजी धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिन कथा वाचक संत शंभुशरण लाटा ने नाम की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान से बड़ा भगवान का नाम है। उन्होंने कहा कि भगवान के नाम में इतनी शक्ति है कि भक्त उनके नाम का स्मरण कर मोक्ष की प्राप्ति कर लेते हैं। हनुमानजी महाराज ने राम नाम का स्मरण कर भगवान को ही अपना बना लिया तथा भक्ति की चरम सीमा को ही प्राप्त कर लिया। कथा वाचक ने मीरां बाई का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभु के नाम का स्मरण करते हुए जहर के प्याले का सेवन कर लिया। कलयुग में राम नाम का ही सहारा है, इसके माध्यम से ही हम सांसारिक मोहमाया से मुक्ति पा सकते हैं। कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान राजेंद्र बणसिया दंपति ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की। महाराज ने प्रथम दिन तुलसीदास महाराज द्वारा स्तुति करना एवं भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को कथा सुनाने के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर अजय बणसिया, सत्यनारायण सेवदा, हरिराम मंगलहारा, शिवनारायण शास्त्री, मनीष सिंडाल, राजकुमार छंगाणी, आरएस ढंड, महावीर बणसिया, गोपाल पारीक, रामचंद्र सहल, अनूप ताम्रायत, विजय बणसिया, रिद्धकरण बणसिया, प्रदीप लूणिया, दीनदयाल गटानी, भागीरथसिंह राठौड़, ताराचंद भाटी सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।