Dark Mode
व्यसन मानवता का एक कलंक - आचार्य सौरभ सागर

व्यसन मानवता का एक कलंक - आचार्य सौरभ सागर

जयपुर। छोटी काशी धर्म नगरी से नाम से विख्यात राजधानी जयपुर शहर के दक्षिण भाग में स्थित टोंक रोड़ प्रताप नगर सेक्टर 8 दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों ज्ञान की गंगा बह रही है, जिसमें श्रावक बढ़-चढ़कर भाग ले रहे है और ज्ञान की गंगा का रसपान कर अपने जीवन को ध्यान बनाने के मार्ग पर चल रहे है। शुक्रवार को आचार्य सौरभ सागर ने धर्मसभा में श्रावकों को अपने आशीर्वचनों में कहा की - " आचरण को स्वीकार करने वाला परमात्मा के राज्य में प्रवेश करने का अधिकारी होता है, क्योंकि बिना आचरण के जीवन पवित्र नहीं होता व्यक्ति हो लायक बनने में वर्षों लग जाते है, पर नालायक बनने में एक क्षण काफी होता है। व्यसन मानवता पर एक कलंक है। यह व्यसन लायक नहीं नालायक बनाता है। छोटासा जुआ सिर पर चढ़ जाता है तो तन बैचेन हो जाता है और कहीं जुआ व्यसन जीवन में पड़ जाता है तो तन-मन परिवार सब बैचेन हो जाते है। "

आचार्य सौरभ सागर ने कहा कि - भगवान महावीर ने बुरी आदतों में सर्वप्रथम जुआ व्यसन का रखा है, जो मनुष्य के जीवन को बर्बाद करता है। हार-जीत की शर्त लगाकर जुआ, सट्टा, ताश, लूडो, कैरम, मटका, लॉटरी टिकट खरीदना ये सभी जूए के अंतर्गत है, पाप के कारण है। जुआ खेलना आध्यात्म की दृष्टि से भी बुरा है और व्यवहार की दृष्टि से भी बुरा है। आध्यात्मिक दृष्टि से इसलिए बुरा है कि जुआ खेलने से सर्वप्रथम आत्मिक शांति का नाश होता है, दुश्मनी की दीवारें खड़ी होती है और सत्य का, धर्म का नाश होता है, कषायों की तीव्रता होती है, आत्मा में बैर का जन्म होता है। जुआ इसलिए बुरा है कि जुआ से सर्वप्रथम धन का नाश होता है लोगों की दृष्टि में वह व्यक्ति बुरा दिखायी पड़ता है। समाज की दृष्टि में, शासन की दृष्टि में वह आदमी अपराधी गिना जाता है। अपयश का भागी होता है। धन नाश की चिंता से मनुष्य सदा जला करता है। सद्रबुद्धि मस्तिष्क से पलायन कर जाती है, सारी प्रतिष्ठा धूल में मिल जाती है। लक्ष्मी के स्थान पर दरिद्रता डेरा डाल देती है। जुआरी के मुख से सत्य तथा शरीर से सुख कोसों दूर चला जाता है इसलिए यह जुआ व्यवहारिक दृष्टि से भी महा अनर्थकारी है।

पंच दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ 21 से


चातुर्मास कमेटी के मुख्य समन्वयक गजेंद्र बड़जात्या ने बताया की 21 से 25 जुलाई तक सांगानेर स्थित चित्रकूट कॉलोनी के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य सौरभ सागर महाराज के निर्देशन एवं रतनलाल, पारस कुमार, अरूण,अरविन्द जैन फागी वाला परिवार के पुण्यार्जन में पांच दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ का आयोजन होगा। चातुर्मास व्यवस्था कमेटी और चित्रकूट कॉलोनी दिगंबर जैन मंदिर प्रबंध कार्यकारिणी समिति द्वारा आचार्य सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में पोस्टर विमोचन कर आयोजन समिति ने आशीर्वाद प्राप्त किया और मंगल सानिध्य प्रदान करने के लिए श्रीफल भेंट किया। इस दौरान अध्यक्ष केवल चंद गंगवाल निमोडिया,  मंत्री अनिल कुमार बोहरा, कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश कासलीवाल सहित वर्षायोग समिति अध्यक्ष कमलेश जैन, मंत्री महेंद्र जैन, कार्याध्यक्ष दुर्गालाल जैन, प्रचार संयोजक सुनील साखुनियां सहित विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!