Dark Mode
फेक न्यूज कंट्रोल के लिए अपनाएं फेक्ट मॉडल

फेक न्यूज कंट्रोल के लिए अपनाएं फेक्ट मॉडल

भारत निर्वाचन आयोग की वीडियो कांफ्रेसिंग


उदयपुर । आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग की ओर से शुक्रवार को फेक न्यूज कंट्रोल को लेकर वीडियो कांफ्रेन्स हुई। इसमें राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी, सभी जिलों से जिला निर्वाचन अधिकारी तथा जनसंपर्क अधिकारी शामिल हुए। वीसी में भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया एवं सोशल मीडिया) बी.नारायण ने पीपीटी के माध्यम से फेक न्यूज के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बड़ी तादाद में फेक न्यूज चलती है। चुनाव के दौरान इनकी संख्या में तेजी आ जाती है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कार्यों में फेक न्यूज को घातक बताते हुए उनकी समय पर पहचान करने तथा सही तथ्यों का त्वरित प्रसारण करने संबंधी मार्गदर्शन दिया।
फेक्ट मॉडल का करें उपयोग :
महानिदेशक ने फेक न्यूज को पता लगाने, सत्यापित करने और उनका मुकाबला करने के लिए फेक्ट मॉडल का उपयोग करने की बात कही। इसकी व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि एफ- से अभियान फेक न्यूज की फाइडिंग से हैं। गुगल सहित अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से तथ्य, फोटो, वीडियो आदि की सत्यता जांची जा सकती है। ए- से अभियान एक्सेस अर्थात् पहुंच से है। फेक न्यूज की पहुंच और उसके प्रभाव का भी त्वरित आंकलन होना चाहिए। सी- को क्रिएट के रूप में परिभाषा करते हुए उन्होंने कहा कि फेक न्यूज का मुकाबला करने के लिए सही तथ्यों के साथ सामग्री तैयार करनी होगी। टी- से आशय टारगेट है, अर्थात् फेक न्यूज से किस वर्ग, क्षेत्र से जुड़ी ऑडियंस को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है उसका पता लगाकर सही तथ्यों को उस तक पहुंचाना। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राज्य एवं जिला स्तरीय पर फेक न्यूज कंट्रोल के लिए सेल बनाए जाने की भी बात कही।.
भारत निर्वाचन आयोग स्तर पर फेक न्यूज कंट्रोल के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म कंपनीज (एसएमपीएस) भारत निर्वाचन आयोग के लिए एक उच्च प्राथमिकता और समर्पित शिकायत निवारण चैनल तैयार करेगा और वास्तविक समय के आधार पर उल्लंघन के रिपोर्ट किए गए मामलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगा। साथ ही एसएमपीएस यह सुनिश्चित करने के लिए भी सहमत है कि उनके प्लेटफार्म पर सभी राजनीतिक विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के निर्देर्शों के अनुसार एमसीएमसीएस द्वारा पूर्व प्रमाणित होंगे। सशुल्क राजनीतिक विज्ञापनों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी एसएमपीएस सिस्टम बनाएगा। इसके अलावा एसएमपीएस स्वेच्छा से मतदाता जागरूकता शिक्षा अभियान और चुनाव के बारे में सूचना प्रसार का कार्य करेंगे। वीसी के प्रारंभ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान प्रवीण गुप्ता ने स्वागत किया। साथ ही राज्य निर्वाचन विभाग की फेक न्यूज कंट्रोल को लेकर चल रही तैयारियों से अवगत कराया।
वीसी में उदयपुर से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर ताराचंद मीणा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम ओ पी बुनकर, एडीएम सिटी प्रभा गौतम, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क डॉ. कमलेश शर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रवेश परदेशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विनय सोमपुरा आदि उपस्थित रहे।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!