कश्मीर के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार के राज में सर्वाधिक नेटबंदी :— हिमांशु शर्मा
जयपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु शर्मा ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार पिछले 5 सालों तक प्रदेश में कानून व्यवस्था को लागू कर पाने में तो विफल रही है। बेरोजगारों को रोजगार देने का झूठा वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने युवाओं के साथ वादाखिलाफी की और प्रतियोगी परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक संपन्न नहीं करवा पाई। यहां सरकार की कमजोरी के कारण बार बार लीक हो रहे पेपर के कारण राज्य में पिछले 5 सालों में ही 280 बार नेटबंदी की गई है। कभी सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर तो कभी परीक्षाओं के नाम पर अपने नेट बंद करने के अधिकार का दुरुपयोग किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु शर्मा ने कहा कि सरकार की जांच एजेंसियां पेपर माफियाओं तक ही नहीं पहुंच पाई या कहा जाये कि सरकार ने पेपर माफियाओं तक पहुंचने नहीं दिया, अगर जांच एजेंसियां नकल गैंग पर कार्रवाई करती तो कांग्रेस के बडे नेताओं के रिश्तेदार आरएएस परीक्षा में टॉपर से अधिक नंबर नहीं ला पाते। बार बार नेट बंद कने के कारण जहां आमजन परेशान रहा वहीं सरकार के इस तुगलकी फरमान से प्रदेश में करोड़ों रुपए का कारोबार भी प्रभावित रहा। कांग्रेस के इस शासन में हालात यह रहे कि नेटबंदी के लिहाज से राजस्थान देश में दूसरे नंबर का राज्य बन चुका है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु शर्मा ने कहा कि राजस्थान में गहलोत सरकार के राज में करीबन 280 बार इंटरनेट बंद करने के आदेश जारी किए गए। सरकार ने 2019 से 2022 के बीच अकेले अजमेर संभाग 1160 तथा भरतपुर संभाग में 655 घंटे इंटरनेट बंद किया गया। इससे भी आश्चर्य की बात तो यह है कि राजस्थान में नेटबंदी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षा में नकल रोकने के लिए की गई। इसके बाद इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर नेट बंद किया गया है। हालात यह रहे है कि आमजन के बीच यह नारा प्रचलन में आ गया कि राजस्थान में तीन चीज़ें कभी भी जा सकती है बिजली, पानी और इंटरनेट।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु शर्मा ने कहा कि सरकार के कुप्रबन्धन के कारण प्रशासन का पूरा ध्यान इंटरनेट बंद करने पर रहा। नेट बंद होने से आम जनता को जो परेशानी हुई उससे सरकार को कोई वास्ता नहीं। इंटरनेट बंद रहने से ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डर, पानी -बिजली के बिल भुगतान, ऑन लाइन शॉपिंग, फ्लाइट और ट्रैन बुकिंग और ऑन लाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसी सेवाएं बाधित हुई और लोगों का करोड़ों रुपए कई बार अटक गया।