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चित्तौड़गढ़ जिले में उर्वरक फैक्ट्रियों पर कृषि विभाग का एक्शन जारी

चित्तौड़गढ़ जिले में उर्वरक फैक्ट्रियों पर कृषि विभाग का एक्शन जारी

  • गड़बड़ी मिलने पर तीन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, स्टॉक गड़बड़ी, नमी भंडारण व्यवस्था पर जताई सख्त आपत्ति

निम्बाहेड़ा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर जिले में उर्वरक फैक्ट्रियों पर जांच का दौर लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। जयपुर से आई कृषि विभाग की विशेष टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर निम्बाहेड़ा क्षेत्र की तीन प्रमुख कंपनियों – रामा फास्फेट्स लिमिटेड, खेतान केमिकल एंड फर्टिलाइज़र, एवं अन्नपूर्णा फर्टिलाइजर्स एंड पेस्टीसाइड प्राइवेट लिमिटेड पर औचक निरीक्षण कर गंभीर अनियमितताएं पाई हैं। रामा फास्फेट्स लिमिटेड में गत वर्ष के क्लोजिंग स्टॉक और चालू वर्ष के ओपनिंग स्टॉक में मेल नहीं होने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। साथ ही फैक्ट्री प्रयोगशाला में कार्यरत एनालिस्ट को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। खेतान केमिकल एंड फर्टिलाइज़र में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उर्वरकों का भंडारण जमीन से नीचले स्तर पर किया जा रहा था, जिससे वर्षा का पानी गोदाम में प्रवेश कर रहा था और उर्वरक खराब हो रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए जब तक गोदाम को उर्वरक नियंत्रण आदेश के मापदंडों के अनुरूप नहीं बनाया जाता, तब तक उत्पादन पर रोक लगा दी गई। साथ ही विभिन्न बैच के उर्वरक कट्टों को अलग रखने के निर्देश दिए गए। अन्नपूर्णा फर्टिलाइजर्स एंड पेस्टीसाइड प्रा. लि. में भी भारी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि लगभग 25,000 कट्टों में नमी आ गई है क्योंकि भंडारण उचित तरीके से नहीं किया गया। ऐसे में 6 बैच के उर्वरकों पर तत्काल रोक लगाते हुए सभी की दोबारा सैंपलिंग के आदेश दिए गए हैं। नमूनों की रिपोर्ट अमानक पाए जाने पर संबंधित बैचों को सीज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच दल की इस सख्त कार्रवाई से खाद कंपनियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले में ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि किसानों तक गुणवत्तायुक्त उर्वरक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

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