अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने पीएम मोदी से अजमेर में एम्स की स्थापना की मांग की
केकड़ी। अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने पर प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत अजमेर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ।पत्र लिखकर मांग कीसांसद चौधरी ने पत्र में लिखा कि मेरे संसदीय क्षेत्र अजमेर में स्थित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय संस्थान अजमेर संभाग का सबसे बडा एंव महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान है जो गत 57-58 वर्षों से अजमेर संभाग के साथ-साथ सम्पूर्ण राजस्थान के बीमार मरीजो का सफलता पूर्वक इलाज कर रहा है। यह चिकित्सा संस्थान सन् 1965 में स्थापित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान महाविघालय अजमेर के अधीन संचालित है जहाँ प्रतिवर्ष 250 यू.जी. एंव 197 पी.जी. मेडिकल छात्र-छात्रायें अपनी पढाई एंव प्रशिक्षण पूर्ण कर देश-विदेश में अपनी सेवायें दे रहे है। उक्त चिकित्सा संस्थान में लगभग प्रतिवर्ष 10 लाख ओपीडी एंव 50 से 60 हजार आईपीडी. में रोगी भर्ती होकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे है लेकिन उक्त चिकित्सा संस्थान को और अधिक उत्कृष्ठ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता की महती आवश्यकता है। यदि अजमेर में 01 और नवीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना हो जाये तो यहाँ स्वास्थ्य गतिविधियो की सभी महत्वपूर्ण शाखाओं में कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए उच्चतम स्तर की शैक्षिक सुविधाएं एक ही स्थान पर प्राप्त हो जायेगी और प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में स्नातकोत्तर स्तर पर आत्मनिर्भरता हो आयेगी।
मान्यवर, ज्ञात रहें कि देश मे वर्तमान में 15 एम्स कियाशील है और 8 अन्य एम्स विकासोन्मुख है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत कमशः 02 एम्स गोरखपुर व रायबरेली में कार्यरत है। हालांकि राजस्थान प्रदेश मे जोधपुर में एम्स संचालित है लेकिन क्षेत्रफल एंव जनसंख्या को मध्यनजर रखते हुये स्वास्थ्य सुविधाओ के लिये अपर्याप्त है।
मान्यवर अजमेर जिला राजस्थान के नक्शे में मध्य में स्थित हैं। और अजमेर प्रदेश की शैक्षणिक राजधानी के साथ-साथ यहां प्रदेश के प्रमुख विभागीय कार्यालय यथा राजस्थान राजस्व मण्डल, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान लोक सेवा आयोग, और केन्द्र सरकार के प्रमुख विभागीय कार्यालय यथा रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का क्षैत्रिय कार्यालय, राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय बीजीय एवं मसाला अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय खान ब्यूरो, रेल मण्डल प्रबंधक कार्यालय सहित विश्वविख्यात मार्बल एवं ग्रेनाईट मण्डी भी यहां स्थापित हैं। और यदि यहाँ भी एम्स की स्थापना की स्वीकृति कर दी जाये तो निश्चित ही राजस्थान प्रदेश में समुचित चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता में वृद्धि होगी।