Dark Mode
राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का विधिवत समापन

राजगढ धाम पर हुआ अखण्ड़ ज्योति का विधिवत समापन

नसीराबाद। ब्यावर मार्ग स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम राजगढ़ पर चल रहे शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह में मंगलवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा बाबा भैरव व माँ कालिका के जयघोष के साथ मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की पूजा-अर्चना कर बाबा भैरव व माँ कालिका की आरती की गई। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि मंदिर में विशेष सजावट की गई धाम पर पंजाब प्रान्त से आये नरेन्द्र तूर व तुषार ने अपनी टीम के साथ चम्पालाल महाराज का पंजाबी पगड़ी पहनाकर व कृपाण भेट कर भव्य स्वागत सत्कार किया गया।
चम्पालाल महाराज ने श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही। जो भी भक्त सच्ची आस्था के साथ धाम पर आता है अवश्य ही वो कुछ ना कुछ पाकर जरूर जाता है। महाराज ने श्रद्धालुओ से नशे को त्याग करने का आह्वान किया व अधिक से अधिक रक्तदान करने को कहा मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज द्वारा शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव दस दिनो तक चली अखण्ड़ ज्योति का प्रातःकाल विधिवत समापन किया गया। समापन के पश्चात धाम पर आये हुए सभी श्रद्वालुओ को दशम तक चली अखण्ड ज्योति की विशेष रामबाण ओषधी रूपी चिमटी (भभूत) का वितरण किया गया। धाम पर यह अखण्ड़ ज्योति निरन्तर 24 घण्टे चलती रही जो कि लगातार 9 दिनो तक प्रज्जवलित रही। इस अखण्ड़ ज्योति की विशेषता यह है कि जिस पात्र में इसको प्रज्जवलित किया जाता है उसमे हजारो नारियल की संख्या में नारियल की चिटक, कई पीपे तेल के व धूप हवन सामग्री ड़ालने पर भी यह पात्र कभी भरता नही है।

इस अखण्ड़ ज्योति के दर्शन मात्र से ही आये हुए सभी श्रद्वालुओ के रोग कष्ट बाधाए आदि दूर हो जाती है। धाम पर आये श्रद्वालुओ ने सर्वधर्म मनोकामना पूर्ण स्तम्भ की विशेष परिक्रमा कर बाबा भैरव से अपनी मन्नत मांगी। नवमी की रात्री मे अजमेर भजन गायिका ज्योति सैनी व ममता सोनी ने अपनी मधुर आवाज में भैरू जी नाना रे नाना, दरबार है निराला काली के लाल का, अब तो आजा रे भैरू जी, मैया रानी तो छिप रही पहाड़ा मे, आजा ये भवानी, राजगढ मे लाग्यो दरबार, झीणी झीणी उडे रे गुलाल आदि भजनो को सुनकर मंत्रमुग्ध होकर झूम झूम कर नाचने लगे।

राजगढ़ गांव की और से चढा झंड़ा
राजगढ़ धाम पर शारदीय नवरात्रा मेला महोत्सव के समापन समारोह से पूर्व नवमी की रात्री में गांव राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से ठा. प्रेम सिंह गौड़ के नेतृत्व में बाबा भैरव नाथ व मां कालिका के झंड़ा चढाया गया। झंडा रात्री 8 बजे ग्राम राजगढ़ सदर बाजार से प्रारम्भ होकर ढोल ढमाको पर नाचते गाते झुमते हुए चक्की वाले बाबा के मंदिर पर धोक लगाई फिर वही से जुलुस के रूप में ग्रामवासी नाचतें गाते मुख्य मंदिर सर्वधर्म मनोकामनापूर्ण स्तम्भ पर चल रही अखण्ड़ ज्योति स्थल पर 11.30 बजे पहुँचा। धाम पर ठा. प्रेम सिंह गौड़ के नेतृत्व में कमल नागौरा, श्याम सेन, कमल शर्मा, गणपत सिंह, सलीम , कुलदीप, बलराम, पाँचू माली, हरी माली, सदानन्द विश्वास, रामदेव माली, मोनू गुर्जर, भाचन्द माली, मुकेश खीची, आदि राजगढ़़ ग्रामवासियो की और से मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का शाफा व शॉल ओढाकर भव्य स्वागत किया गया। शारदीय नवरात्रा मेले के दौरान सुचारू व्यवस्था संभालने के लिए व्यवस्थापक ओमप्रकाश सैन, रमेश चन्द सेन, अविनाश सैन, यश, प्रकाश रांका, राहुल सैन, के साथ पदम जैन, राजू चावड़ा, कमल शर्मा, टी.एस. राणावत, राजकुमार त्रिपाठी, उज्जवल राठौड, मनोहर सिंह, धर्मेन्द्र, सुरेश दायमा, तिलोक जटिया, विजय सिंह राठौड, महेन्द्र रावत, रामसिंह बाबल, मोहन छीपा, शंकर महावर, कैलाश सेन, श्रवण रावत, चेतन आनन्द, पुनीत जांगीड़, शंकरनाथ, पदमचन्द जैन, सुरेश गुर्जर, महेश वरजानी, बाबू भाई, सुरेश काकाणी, रामप्रसाद मोर्य, अजीत चौधरी, हंसराज भडाणा, अमिताभ, पंकज सेन, भूपेन्द्र, मनीष, कन्हेया लाल, देवानन्द, योविनेश, रामलाल, अजय, विनय, ओम माली, अमिताभ, छोटू आदि का विशेष योगदान रहा।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!