अखिलेश का राजनाथ पर तंज, बोले- 'लखनऊ एक्सप्रेस' का इंजन फेल!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर ऐसा तंज कसा, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी। उन्होंने 'लखनऊ एक्सप्रेस' के इंजन का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि लखनऊ की कमान किसी दूसरे नेता को सौंपने की तैयारी चल रही है।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "सुना है सत्ताधारियों की तरफ से कोई बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। लगता है 'लखनऊ एक्सप्रेस' का इंजन फेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फैसला कर लिया है।"
'प्रेस कॉन्फ्रेंस तो बस दिखावा है'
सपा प्रमुख ने अपने कटाक्ष को आगे बढ़ाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस को दिखावटी बताया। उन्होंने कहा कि असली खेल लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके स्थायी रूप से हटाने का है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि अब लखनऊ वालों की रक्षा कौन करेगा?
हालांकि, अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में किसी नेता का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस राजनीतिक घटनाक्रम या संभावित नेतृत्व परिवर्तन की ओर है। ऐसे में उनके बयान को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर लगाए आरोप
दूसरी ओर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी सुधार के नाम पर देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि युवाओं को राजनीतिक टकराव का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करना चाहते हैं। ये आरोप रक्षा मंत्री ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए लगाए।
चुनावी सुधार नहीं, सत्ता हासिल करना मकसद: राजनाथ
रक्षा मंत्री ने दावा किया कि विपक्ष की लड़ाई न तो चुनावी सुधारों के लिए है और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े किसी मुद्दे तक सीमित है। उनके मुताबिक, इसके पीछे सत्ता हासिल करने की मंशा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का भविष्य राजनीतिक टकराव में नहीं, बल्कि संवाद और राष्ट्र निर्माण में है। उन्होंने विपक्ष पर युवाओं को राजनीतिक संघर्ष में आगे करने का आरोप भी लगाया।
यूपी की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
अखिलेश यादव के कटाक्ष और राजनाथ सिंह के विपक्ष पर हमले के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर सपा प्रमुख ने 'लखनऊ एक्सप्रेस' के रूपक के जरिए नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए, तो दूसरी ओर रक्षा मंत्री ने विपक्ष की मंशा पर निशाना साधा।
फिलहाल, अखिलेश यादव ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया है। इसलिए उनके कटाक्ष के पीछे किस नेता या घटनाक्रम का संदर्भ है, यह स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में इस बयान पर भाजपा और सपा की ओर से आगे की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।