सभी विभाग मुस्तैदी के साथ तैयारियों को दें अंजाम-एडीएम सिटी
मौसमी एवं मच्छर जनित बीमारियों, लू ताप घात से बचाव व नियंत्रण के संबंध में बैठक सम्पन्न
कोटा । मौसमी बीमारी, लू ताप घात एवं मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण के संबंध में अन्तर्विभागीय समन्वय के लिए गुरूवार को अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई।
अतिरिक्त कलक्टर शहर ने संबन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय रखते हुए स्थितियों के अनुसार एवं वातावरण के पूर्वानुमान के आधार पर सावचेत रहें एवं समय रहते यथोचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चिकित्सा विभाग को सभी चिकित्सा संस्थानों पर दवाओं एवं एंटी लार्वा रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों की आईईसी करने के साथ-साथ सतत् एंटी लार्वा गतिविधि करें। नगर निगम कार्यक्रम बनाकर टीम गठीत कर क्षेत्रवार अपने स्तर पर फोगिंग की जाकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज के अधीनस्थ चिकित्सालयों में आने वाले रोगियों का विश्लेषण कर मौसमी बीमारियों के रोगियों के लिए चिकित्सालय में पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित का प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के मरीजों का इलाज मच्छरदानी युक्त बेड पर किया जाए। उन्होंने पशुपालन एवं वन विभागीय अधिकारियों को भी बढ़ते तापमान के खतरों से वन संपदा एवं जानवरों की देखरेख संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
उन्होंने नगर निगम को कचरा संग्रहण वाहन के माध्यम से बीमारियों की रोकथाम के लिए आमजन में जागरूकता संदेशों को प्रसारित करवाने के निर्देश दिये। सभी कार्यालयों में टंकी, कूलर चैक करने, शहरी क्षेत्र में वाटर लॉगिंग रोकने, सड़क पर बने हुए गड्डों को भरने, नालों सीवरेज लाईन की सफाई, नालियों को ढकने व सड़क पर रखी टंकियों की नियमित सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम नालियों व गन्दे पानी के स्रोतों में एमएलओ डालने की कार्रवाई करें। नगर विकास न्यास द्वारा ड्रेनेज सिस्टम को सही करने, ठहरे हुए पानी के निकास की व्यवस्था एवं खाली प्लॉट जिसमें पानी भरा हो, उनके मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग चिकित्सा विभाग द्वारा प्रभावित गांवों में किए गए डीडीटी स्प्रे के दौरान ग्रामीणों को ग्राम पंचायत के माध्यम से स्प्रेे दल को आवश्यक सहयोग करे एवं मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से सोर्स रिडक्शन करवाने एवं जल स्रोतों में गम्बूसिया मछलियां डलवाने की कार्रवाई करें। उन्होंने रोडवेज विभाग को आवश्यकता अनुसार उचित दर पर जला हुआ तेल उपलब्ध कराने, बस डिपोे में सम्पूर्ण स्वच्छता यथा टंकी, कूलर, कबाड़ आदि में एंटी लार्वा गतिविधियां करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने जलदाय विभाग को पाइपलाईन की टूट-फूट की मरम्मत, पानी में सुपर क्लोरिनेशन एवं नियमित पानी की जांच के लिए नमूने लेने की कार्रवाई की बात कही। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को अपने घरों में पानी के पात्रों की जांच करने, हैण्डवॉश की ट्रेनिंग, लार्वा का प्रदर्शन, विद्यालयों में पोस्टर लगाना एवं डेंगू ब्रिगेड बनाना व मौसी बीमारियों से संबंधित प्रतिस्पर्धा करवाई कराना सुनिश्चित करेंगें। पशुपालन स्क्रब टाइफस को रोकने के लिए कार्य योजना बनायें तथा जूनोटिक बीमारियो ंकी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रचार-प्रसार करेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीश सोनी ने आभा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में समस्त ब्लॉक, विभागों में कैंप लगाकर आभा कार्ड बनाए जाएंगे जिसमें सभी लोगों का हेल्थ प्रोफाइल ऑनलाइन बनाया जाएगा।
लू-ताप घात से ऐसे बचें-
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ घनश्याम मीना ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से लू, ताप घात से बचाव के लिये आवश्यक जानकारी, जिम्मेदारी एवं उपचार संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लू, ताप घात से बचाव के लिए कोई भी घर से बाहर भूखा ना निकले। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। इससे बचने के लिए पारंपरिक तरीकों जैसे सर को ढक के रखना, कैरी की छाछ, नींबू पानी का सेवन अधिक करना चाहिए। श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त छांव का इंतजाम हो। समस्त बैठक स्थलों, कार्य स्थलों, कार्यालयों में छाया पानी एवं पंखों की उचित व्यवस्था हो, सभी को ऐसे उपायों के प्रति जागरूक किया जाए।
बैठक में कोटपा जिला कोऑर्डिनेटर अमित शर्मा, फिट इंडिया जिला समन्वयक डॉ प्रियंका जांगिड़, रेलवे, नगर निगम, शिक्षा विभाग, आयुष, वन, पशुपालन, पीएचइडी सहित अन्य संबंधित विभागांे के अधिकारियो ने भाग लिया।