आंगनवाड़ी का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल
मानदेय में 15प्रतिशत बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरे के समान
सीकर. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन सीटू के नेतृत्व में आज सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कर्मियों ने किशन सिंह ढाका स्मृति भवन से रैली शुरू कर बाजार से होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महामंत्री का. बृज सुंदर जांगिड़ ने कहा कि हमारी यूनियन द्वारा महिला बाल विकास विभाग के जयपुर मुख्यालय पर 3 फरवरी को किए गए प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा ने मानदेय में 15प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सभा को संबोधित करते हुए किसान मजदूर नेता का. किशन पारीक ने कहा कि कोविड-19 के समय जिस तरह आंगनबाड़ी कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर फ्रंटलाइन पर रहते हुए आम लोगों की जिंदगी बचाई वह काबिले तारीफ है लेकिन बीजेपी की केंद्र सरकार व कांग्रेस की गहलोत सरकार इनको सम्मानजनक वेतन भी नहीं दे रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यूनतम वेतनमान के लिए गाइडलाइन जारी की हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार इनकी न्यायोचित मांगों को शीघ्र पूरा करें। आंगनबाड़ी कर्मियों की नेता विमला ने कहा कि आसमान छूती महंगाई में 45 पैसे में गर्म खाना कैसे संभव है सरकार को प्रति बच्चे के लिए ?5 न्यूनतम देना चाहिए। विभाग द्वारा निर्धारित पाँच कार्यों के अलावा तथा केंद्र खुलने के पहले व बन्द होने के बाद में अधिकारियों द्वारा कोई भी सूचना मांगने व कार्य करवाने पर रोक होनी चाहिए। सभा को विद्या कंवर,शशि, बिमला कंवर, सुशीला,सुनील चौधरी व मनभरी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया