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हरियाणा के मेवात की घटना को लेकर फूटा आक्रोश

हरियाणा के मेवात की घटना को लेकर फूटा आक्रोश

डीडवाना हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में विश्व हिंदू परिषद व हिंदू संगठनों का फूटा आक्रोश राष्ट्रपति के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि हरियाणा के मेवात में 31 जुलाई सोमवार को जो भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्व हिंदू परिषद सहित हिंदू समाज कहता है कि हर वर्ष श्रावण के हर सोमवार पर मेवात के अंदर भगवान शंकर का आशीर्वाद लेने के लिए महाभारत कालीन पांच मंदिरों में श्रद्धालु जाते हैं। जिसमे लगभग 20-25 हजार लोग पहुंचे हुए थे। जिसमे यात्रा को शुरू हुए 15 मिनट भी नहीं हुए कि उन पर उपद्रवियों ने गोलियां और पत्थर बरसाने तथा आगजनी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं ने जब देखा कि परिस्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही है, तो पीछे हटने का प्रयास किया, तो देखा पीछे से भी पत्थर बरस रहे हैं। उन पर पेट्रोल बम फेंके गए, बहुत मुश्किल से कुछ लोगों को बचाकर नलहड़ महादेव मंदिर में वापिस लेकर आ सके। कुछ ही देर हुई थी उस मंदिर के सामने भी दंगाई आ गये। कारों, बसों और अन्य वाहनों को आग लगानी और जो सामने दिखा उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। दो लोगों को गोलियां लगीं। लगभग सारे वाहन जला दिए व तोड़ दिए गए। जब पुलिस आती है तो पुलिस को देखकर उपद्रवी भागते हैं और पहाड़ियों पर चढ़कर तीनों तरफ से मंदिर में शरण लिए हुए महिलाओं, बच्चों और अन्य भक्तों पर गोलियां बरसाना शुरू कर देते हैं। एक और भक्त बलिदान हो जाता है। कुछ अन्य लोगों को भी गोलियां लगती हैं। बहुत मुश्किल से प्रशासन ने उन पर नियंत्रण किया और उसके बाद वहां से निकाल कर के पुलिस लाइन में लेकर आए। लेकिन तब तक यह दृश्य हम देख चुके थे कि पूरा मेवात मानो मिनी पाकिस्तान बन गया है। चारों तरफ से घेराबंदी हो गई है, जगह जगह यात्री घिरे पड़े हैं। कहीं मंदिरों, तो कहीं पुलिस चौकियों में शरण ली और उन मंदिरों में और चौकियों पर भी हमले किए गए। विश्व हिंदू परिषद संगठन सहित हिंदू समाज ने आरोप लगाया है की इस घटना के जिम्मेदार वे लोग हैं जो इन दंगाइयों को भड़काते हैं उनके भड़काने के कारण से ही, रामनवमी व हनुमान जयंती पर हमले होते हैं। अन्य कितने लोग बलिदान हुए है उनका पता लगाया जा रहा है, प्रशासन को भी इस बारे में सही आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। घायलों की चिंता और उनके उचित उपचार की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन यह गंभीर आत्म विश्लेषण का अवसर है कि सोमवार को नूह में डायरेक्ट एक्शन की तरह का बातावरण बना था। विश्व हिंदू परिषद उन मौलवियों से भी कहना चाहेंगे की जो किसी भी बहाने से भड़काने की कोशिश करते है, इसका ही यह दुष्परिणाम दिखाई दिया है। यह उचित नहीं है। यह आत्मघाती प्रवृत्ति है। इन छोटे छोटे बच्चों को आगे लाकर तुम आगजनी करवा कर उनका कैसा भविष्य निर्माण कर रहे हो? वहां आप भले ही मेजोरिटी में होंगे, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप उसको हिंदुओं का कब्रिस्तान बना दोगे? यह दुष्कृत्य किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विश्व हिंदू परिषद बजरंगदल सहित समस्त हिन्दू समाज ने यह आह्वान किया है कि हिंदू धार्मिक यात्रा पर हुए इस क्रूर हमले के विरोध में आज दो अगस्त को सम्पूर्ण देश में, समस्त जिला स्थानों पर इस जिहादी क्रूरता के विरोध में धरने प्रदर्शन किए जा रहे है और जिहाद का पुतला जलाया जा रहा है। इस आतंकी हमले के कारण बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या हुई है और समाज के दो अन्य व्यक्ति भी बलिदान हुए हैं, विश्व हिंदू परिषद सहित समस्त हिन्दू समाज मांग करता है की उन सबके परिवारों को एक एक करोड़ रुपया दिया जाए। जो घायल हैं उनको 20 लाख रुपया तथा जिनकी गाड़ियां और बसें नष्ट हो गई हैं उनको पूरी तरह क्षति पूर्ति की जाए, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। पूरे मेवात क्षेत्र को सील करके कांबिंग कराई जाए और एक एक जिहादी को पकड़कर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए, तो ही मेवात में चल रहे इस हिंदू विरोधी, राष्ट्र विरोधी आतंक को रोका जा सकता है। ज्ञापन देने वालों में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष महावीर चतुर्वेदी हरीश सोनी अजय वर्मा राकेश जांगिड़ लोकेश पारीक प्रवीण कश्यप भंवर लाल राम देवाराम विनोद सैनी धर्मेंद्र वैष्णव भरत सैनी एवं अनेकों हिंदू समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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