अंकित शर्मा केस : कोर्ट के फैसले पर BJP का स्वागत, केजरीवाल से पूछे सवाल
नई दिल्ली : दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में अदालत के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे न्याय व्यवस्था की बड़ी जीत बताया है। भाजपा ने कहा कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया है और दोषियों की भूमिका स्पष्ट रूप से स्थापित हुई है।
मंगलवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि अदालत ने तत्कालीन आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन सहित जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को दोषी ठहराया है। उनके अनुसार अदालत ने माना कि वारदात पूर्व नियोजित साजिश और साझा उद्देश्य के तहत अंजाम दी गई थी तथा आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या व्यापक षड्यंत्र का हिस्सा थी।
भाजपा ने कहा कि घटना के समय अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे और ताहिर हुसैन उनकी पार्टी से निर्वाचित पार्षद थे। इसी आधार पर पार्टी ने केजरीवाल की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले पर उनकी चुप्पी कई प्रश्न खड़े करती है।
गौरव भाटिया ने यह भी याद दिलाया कि मार्च 2020 में संसद के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिया था कि दिल्ली दंगों से जुड़े सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला उसी प्रक्रिया का परिणाम है और यह कानून तथा संविधान में विश्वास को मजबूत करता है।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पार्टी का आरोप था कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर विपक्ष ने लोगों के बीच भ्रम फैलाया। भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल करते हुए कहा कि कानून लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम नागरिक की नागरिकता नहीं गई और इस सवाल का जवाब "शून्य" है।
भाजपा प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने अदालत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। भाटिया ने कहा कि न्यायालय ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण करने के बाद अपना निर्णय दिया है, इसलिए अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।