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2024 के चुनाव के महाजंग का एलान

2024 के चुनाव के महाजंग का एलान

देश में एक साल पूर्व ही लोकसभा चुनाव के महाजंग का एलान हो गया है। यह जंग नव गठित इंडिया और
एनडीए के बीच होंगी। देश में वर्तमान में 15 राज्यों में एनडीए और 11 में इंडिया गठबंधन की सरकारें है।
एनडीए के पास मौजूदा लोकसभा में 350 से ज्यादा सांसद हैं जबकि विपक्षी पार्टियों में शामिल दलों के पास
कुल 150 सांसद हैं। विपक्षी मोर्चे के 50 फीसदी से ज्यादा पार्टियों के लोकसभा में एक भी एमपी नहीं हैं। वहीं
एनडीए में शामिल 65 फीसदी दलों के पास लोकसभा की एक भी सीट नहीं है। हिंदी पट्टी के राज्य यथा
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कांग्रेस का भाजपा से सीधा मुकाबला होगा।
यहाँ इंडिया या एनडीए के दूसरे घटकों का कोई अस्तित्व नही है। वहीं कांग्रेस को प बंगाल,
केरल, यूपी, दिल्ली और पंजाब जैसे प्रदेशों में अपने ही घटक दलों की साथियों से टकराना होगा
जिसका कोई सर्वमान्य हल निका लनाक बहुत मुश्किल है। देश की 64 राजनीतिक पार्टियों ने
दोनों गठबंधनों में शिरकत की है। इनमें 26 पार्टियां इंडिया और 38 पार्टियों ने एनडीए के झड़े
के नीचे आने का फैसला किया है। एक दर्ज़न से अधिक ऐसी पार्टिया भी है जो दोनों के साथ
नहीं है। इनमें बीजू जनता दल, वाई एस आर कांग्रेस और बीआरएस जैसी पार्टिया है जो उड़ीसा,
आंध्र और तेलंगाना में सत्ता में है। इन पार्टियों का असर 63 लोकसभा सीटों पर है। वहीं
मायावती की बसपा, तेलगु देशम, ओवैसी की पार्टी, जनता दल [सेक्युलर] अकाली दल जैसी
पार्टियां फिलहाल निर्गुट बनी हुई है।
मोदी सरकार अपने किले को मजबूत बनाने के लिए अपने कुनबे को बढ़ा रही है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष 26
दलों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजय रथ को रोकने का प्लान बना रहा है। इसके साथ अब पूरी लड़ाई
दो गुटों में हो चुकी है। 2024 के सियासी संग्राम के लिए कई छोटी-बड़ी पार्टियां साथ आई हैं। बेंगलुरु में हुई
विपक्षी दलों की बैठक में यूपीए का नाम बदलकर INDIA कर दिया गया है। INDIA की फुल फॉर्म 'इंडियन
नेशनल डेमोक्रेटिक इन्क्ल्युसिव एलायंस' रखी गई है। यूपीए का नाम बदलने को लेकर चर्चा हो रही थी।
जिसके बाद अब विपक्षी दलों की बेंगलुरु में हुई बैठक में इसे नया नाम दिया गया। इंडिया का भावनात्मक
नाम देकर विपक्षी दलों ने मोदी को ललकारा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जातिवादी, वंशवादी और
कट्टर भ्रष्टाचारी बताकर अपने मंसूबे स्पष्ट कर दिए है। यह 2024 में 26 के मुकाबले 38 की जंग होंगी।
विपक्षी गठबंधन में 11 सदस्यों की एक समन्वय समिति बनाई जाएगी और महाराष्ट्र के मुंबई में होने वाली

अगली बैठक में इसके सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने कहा
कि आगामी लोकसभा चुनाव प्रचार के प्रबंधन के लिए दिल्ली में एक साझा सचिवालय बनाया जाएगा।
बेंगलुरु की बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, शिवसेना, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, आरजेडी,
जेडीयू, नेशनल कांफ्रेंस, आरएलडी पीडीपी, एनसीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई, सीपीआई(एम),
सीपीआई(एमएल) के साथ-साथ अब रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), एमडीएमके, केडीएमके,
विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), आल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
(आईयूएमएल), केरल कांग्रेस (जोसेफ) और केरल कांग्रेस (मणि) सहित 26 पार्टियों के नेताओं ने भाग
लिया।
दूसरी तरफ दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई एनडीए गठबंधन की बैठक में लोक जनशक्ति
पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के ओपी राजभर
और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) समेत कई नए सहयोगी दल शामिल हुए हैं। इसके साथ महाराष्ट्र
के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व
वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गुट, उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनता दल
(आरएलजेडी) और पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना भी बैठक में मौजूद रही हैं। एनडीए में बीजेपी,
शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजित पवार), हम, रालोसपा, सुभासपा, एआईएडीएमके, राष्ट्रीय
लोकजनशक्ति पार्टी (पारस और रामविलास पासवाल गुट) अपना दल (सोनेलाल), एनपीपी, एनडीपीपी,
एसकेएम, आईेमकेएमके, आजसू, एनएनएफ, एनपीएफ, आरपीआई, जेजेपी, आईपीएफटी (त्रिपुरा),
बीपीपी, पीएमके, एमजीपी, एजीपी, निषाद पार्टी, यूपीपीएल, एआईआरएनसी, टीएमसी (तमिल मनीला
कांग्रेस), शिरोमणि अकाली दल संयुक्त, जनसेना, बीडीजेएस (केरल), केरल कांग्रेस (थॉमस), गोरखा
नेशनल लिबरेशन फ्रंट, जनातिपथ्य राष्ट्रीय सभा, यूडीपी, एचएसडीपी, प्रहार जनशक्ति पार्टी, जन सुराज
पार्टीसहित कुल 41 राजनीतिक पार्टियों ने भाग लिया।
दोनों गठबंधनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने की सियासत भी शुरू कर दी है। इंडिया के नेताओं
ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र को समाप्त करने का आरोप जड़ा है तो मोदी ने इंडिया के जरिये कट्टर
भ्रष्टाचारी दलों के एकजुट होने की बात कही है।

- बाल मुकुन्द ओझा

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