पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या, नितिन नवीन ने उठाई कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़। पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की हत्या के मामलों ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के दो दिन बाद गुरदासपुर में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की हत्या की घटना सामने आई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नशा तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। नवीन ने दोनों हत्याओं का जिक्र करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा और ड्रग माफिया के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की मांग की।
केवल सिंह ढिल्लों बोले- कार्रवाई चाहिए, घोषणाएं नहीं
नितिन नवीन की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी राज्य सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की हत्या होना पुलिस व्यवस्था और शासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ढिल्लों ने कहा कि दो दिनों के भीतर मानसा और गुरदासपुर में हुई हत्याओं से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने, ड्रग माफिया और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उनके कथित राजनीतिक संरक्षण की जांच करने की मांग की। भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।
तरुण चुघ ने भी कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने भी पंजाब में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर चिंता जताई। परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे के कारोबार का विरोध करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमलों और लोगों को गोली मारे जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया।
चुघ ने गुलजार सिंह और मोहनजीत से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए भी राज्य सरकार पर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, नशे की बिक्री के मुद्दे उठाने वालों पर दबाव बनाए जाने और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मामलों का पूरा विवरण अलग से देखना जरूरी है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी साधा निशाना
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में तरुण चुघ ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री नशा तस्करी से जुड़े लोगों का बचाव कर रहे हैं। चुघ ने यह भी पूछा कि परविंदर सिंह झोटा जिस कथित ड्रग्स जब्ती के मामले में मौके पर पहुंचे थे, उस घटना को लेकर सरकार का रुख क्या है।
भाजपा सांसद ने राज्य में नशे के कारोबार और गैंगस्टर गतिविधियों पर लगाम लगाने की मांग दोहराई। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और मामले से जुड़े आधिकारिक तथ्यों का सामने आना अहम होगा।
गैंगस्टर नेटवर्क और रंगदारी पर भी चिंता
तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पंजाब में गैंगस्टर जेलों से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कारोबारियों और अन्य लोगों को निशाना बनाकर गोलीबारी, रंगदारी की मांग और घरों के बाहर फायरिंग जैसी घटनाएं सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।
चुघ ने कहा कि भाजपा नशे की समस्या से निपटने और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के बाद अब इन मामलों की जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।