संतरी से लेकर मंत्री तक लगाई गुहार,
फिर भी नहीं मिली चोरी हुई पिकअप बरामद
दौसा . दौसा जिले में पुलिस के द्वारा अपराधियों में भय व आमजन विश्वास जगाने के लिए 25 जून को पुलिस के द्वारा बड़ा सर्च अभियान चलाकर विभिन्न अपराधिक गतिविधियों में लिप्त 305 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन वही जिले में आमजन का विश्वास पुलिस किस तरह से जता रही है उसकी बानगी दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाने में 15 मई को चोरी हुई पिकअप की बरामदगी 1 महीने से अधिक हो जाने के बावजूद भी नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस के द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है और आरोपी के द्वारा वारदात को कबूल भी किया गया है। लेकिन फिर भी पुलिस पीड़ित की पिकअप अभी तक बरामद नहीं कर पाई है। पीड़ित प्रभु पुत्र श्री नारायण मीणा निवासी दर्जापुर थाना मेहंदीपुर बालाजी ने अपनी गाड़ी पिकअप की बरामदगी को लेकर संत्री से लेकर मंत्री तक गुहार लगा चुका है फिर भी पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाया है। इतना ही नहीं पीड़ित ने थाने में दर्ज प्रकरण के जांच अधिकारी से लेकर पूर्व पुलिस अधीक्षक संजीव नैन व वर्तमान पुलिस अधीक्षक वन्दिता राणा व कैबिनेट मंत्री ममता भूपेश से भी गुहार लगा चुका है। लेकिन पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मजे की बात तो यह कि पीड़ित के खर्चे पर दो बार पुलिस सर्च के नाम पर मेवात क्षेत्र में जा भी आई है। लेकिन पीड़ित की पिकअप को बरामद नहीं कर पाई है और आश्वासन के आश्वासन दिया जा रहा है। कुछ पुलिसकर्मियों के द्वारा पीड़ित को कहा भी गया है कि क्या पिकअप जेब में रखी है जो निकाल कर दे दूं। इस तरह का आरोप पीड़ित के द्वारा लगाया गया है। पीड़ित ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 अप्रैल को मेरी पिक अप नंबर आरजे 29 जीए 3816 रात को चोरी हो गई। जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। तब तक चोर गाड़ी को लेकर फरार हो गया था। पीड़ित प्रभु ने मेहंदीपुर बालाजी में चोरी की प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। जिसकी जांच एएसआई शीशराम के द्वारा की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया और आरोपी के द्वारा वारदात को कबूल भी कर लिया। लेकिन पीड़ित का आरोप है कि 3 चोरी के मामलों में से 2 वाहन को तो पुलिस ने बरामद कर ली है। लेकिन पीड़ित की चोरी पिकअप को बरामद करने में नाकाम साबित हो रही है। वही प्रार्थी अपने वाहन की बरामदगी को लेकर पुलिस के चक्कर पर चक्कर लगाकर घनचक्कर हो गया है। आखिर पुलिस के द्वारा पीड़ित की पिकअप अब तक बरामद नहीं करने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े कर सकती है।