दिव्यांगजनों को स्वायत्त शासन मंत्री ने सौंपी 144 स्कूटी
राज्य सरकार प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए समर्पित-स्वायत्त शासन मंत्री
कोटा । स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के मुख्य आतिथ्य में नगर विकास न्यास ऑडिटोरियम परिसर में गुरूवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 144 दिव्यांगजनों को मुख्यमंत्री दिव्यांगजन स्कूटी योजना के तहत स्कूटी वितरण किया गया।
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत विकास के साथ प्रत्येक वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी रूप में लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशनों में राशि बढ़ाने के साथ आजीविका के लिए भी युवाओं को ऋण योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक आयु, वर्ग के नागरिकों को किसी न किसी रूप में लाभ प्रदान कर रही है। इससे प्रदेश में खुशहाली के साथ आम लोगों में सुरक्षा का भाव बना है।
स्वायत्त शासन मंत्री ने स्कूटी प्राप्त करने वाले सभी दिव्यांगजनों को बधाई देते हुए कहा कि इससे उनकी आजीविका चलाने में मदद मिलेगी तथा दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने सभी लाभार्थियों को स्कूटी चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने एवं हमेशा हेलमेट का प्रयोग करने का आव्हान किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल ने बताया कि जिलेभर के 144 दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्कूटी का वितरण किया गया है। इसके लिए पात्र व्यक्तियों से ऑनलाईन आवेदन भरवाए गए थे। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के लिए शेष पात्र व्यक्तियों को भी स्कूटी वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर महापौर उत्तर मंजू मेहरा, दक्षिण राजीव अग्रवाल, उप महापौर पवन मीणा, जिला कलक्टर ओपी बुनकर, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त राजपाल सिंह, सचिव यूआईटी राजेश जोशी, आयुक्त नगर निगम उत्तर अनुराग भार्गव, दक्षिण अम्बालाल मीणा सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
किसी के पढ़ाई के तो किसी के रोजगार के सपने हुए साकार-
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन निःशुल्क स्कूटी वितरण योजना में लाभान्वित नागरिकों ने स्वायत्त शासन मंत्री को संस्मरण सुनाते हुए कहा कि इससे उन्हें उच्च शिक्षा अध्ययन का सपना साकार होगा, तो किसी ने बताया कि अब स्कूटी मिलने से उन्हें परिवार की आजीविका के लिए कर रहे कार्य में आने जाने में मदद मिलेगी। डडवाडा निवासी अक्षम शर्मा ने बताया कि अब उसका बीकॉम करने का सपना साकार होगा, इससे कॉमर्स कॉलेज तक आने-जाने में आत्मनिर्भर होऊंगा। कुन्हाड़ी निवासी श्रीमती लवली पहाड़िया को एएनएम का कोर्स करने के लिए अब कॉलेज तक आने के लिए परिजनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नान्ता निवासी मुकुट बिहारी अब अपनी कम्प्यूटर की दुकान तक बिना किसी सहारे के स्वयं आ-जा सकेंगे। श्रीपुरा निवासी नाज मोहम्मद ने बताया कि वे अब मिस्त्री मार्केट तक मैकेनिक का कार्य करने के लिए स्वयं आ-जा सकेगा तथा परिवार पर बोझ नहीं रहेगा।