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आर्य समाज के स्वामी सत्यानन्द की कर्मस्थली रही बल्लभगढ़

आर्य समाज के स्वामी सत्यानन्द की कर्मस्थली रही बल्लभगढ़

बयाना। आर्य समाज बल्लभगढ़ की ओर से रविवार को आर्य समाज परिसर में यज्ञायोजन,भजन उपदेश व् भुसावर गुरुकुल की बालिकाओं द्वारा डम्बल,लेजम,लाठी व् अन्य प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में सामिल होने बड़ी संख्या में हिंडौन,भुसावर,बयाना सहित अन्य स्थानों से आर्य समाज से जुडे लोग आए।मौजूद  आर्यसमाजियों ने बताया कि जल्द ही खण्डहर पड़े आर्यसमाज बल्लभगढ़ के परिसर को जन सहयोग से विकसित कर आर्य समाज की रचनात्मक गतिविधियों को तेज किया जायेगा।बल्लभगढ़ के स्व0 सत्यानन्द की कर्म स्थली रहा साथ ही भुसावर स्थित आर्य विद्यापीठ की स्थापना में ऐसे आर्यसमाजी जनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।इस अवसर पर बयाना से पहुंचे आर्य समाज के पूर्ब प्रधान व् पालिका पार्षद कमल आर्य,डॉ0 कुमार शास्त्री,कैलाश सराफ आर्य,गोविन्द शास्त्री,बाबूलाल रावत का अभिनन्दन भी किया गया।
 
 
 

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