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धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है भागवत कथा- कृष्णानंद महाराज

धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है भागवत कथा- कृष्णानंद महाराज

 
रतनगढ़ । स्थानीय सागरभक्त गोगामेड़ी के पास आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए कृष्णानंद महाराज ने बताया की संसार में धर्म की हानी होने पर पापाचार बढ़ता है और मनुष्य की बुद्धि विकृत हो जाती है ऐसे में यदि व्यक्ति भगवत् भजन और भागवत कथा की और अग्रसर होता है तो बुद्धि में विवेक उत्पन्न होता है और मन को ज्ञान व शांति उत्पन्न होती है।महाराज ने बताया की आज संसार में धर्म कि स्थापना का मूल मंत्र भागवत कथा ही है। भागवत रूपी ज्ञान गंगा में अवगाहन करने से मनुष्य जाने अनजाने में किए गये पाप कर्मों से भी छुटकारा पाकर परम तत्व और मोक्ष की प्राप्ति सरलता से कर लेता है। मुख्य यजमान भींवाराम प्रजापत दम्पत्ति ने व्यास पीठ का पूजन किया।
कथा में राजकुमार, नानूराम भोभरिया, ओमप्रकाश भोड़ीवाल, प्रदीप धर्ड, भँवरलाल टेलर, राम कुमार सिरस्वा, प्रकाश भाटी, रमेश ठठेरा, मनीष शर्मा, जगदीश प्रसाद धोबी, नौरंगलाल भोभरिया, पवन महर्षि, सुमन देवी, पूजा निरानिया, आनंदी शर्मा, गायत्री सारड़ीवाल, पाना देवी, रिंकु मिणोठीया, सुमन देवी धर्ड आदि उपस्थित थे।

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