भीलवाड़ा : कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने दिया ज्ञापन
- सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना शर्मनाक : बलाई
- राष्ट्रपति से की कठोरतम कार्रवाई की मांग
भीलवाड़ा। सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी आर. गवई पर एक अधिवक्ता द्वारा जूता फेंकने के अत्यंत निंदनीय कृत्य पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए, भीलवाड़ा जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष रामदयाल बलाई के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर भीलवाड़ा को दिए गए ज्ञापन में इस घटना को शर्मनाक और जातिगत घृणा से प्रेरित घटना बताया और तत्काल कठोरतम कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। अनुसूचित जाति विभाग, जिलाध्यक्ष रामदयाल बलाई ने बताया कि यह घटना अत्यंत चौंकाने वाली और न्यायपालिका की गरिमा के प्रति अपमानजनक है। मुख्य न्यायाधीश महोदय एक दलित समाज से आते हैं, और उनकी नियुक्ति देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे में यह कृत्य उनके पद और सम्पूर्ण दलित समुदाय की गरिमा पर गहरा आघात है। ’’भारत की स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी यदि देश के दलित समुदाय के मुख्य न्यायाधीश सर्वाेच्च न्यायालय में भी सुरक्षित नहीं है, तो यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि देश के सबसे सुदूर क्षेत्र में रहने वाले एक सामान्य दलित पुरुष या महिला की सुरक्षा की क्या स्थिति होगी ?’’ इस घटना को समाज में व्याप्त गहरे जातिगत पूर्वाग्रह का खुलासा करने वाला बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि ’’पूरे गरीब/जरूरतमंद समुदाय की गरिमा और हमारे संविधान के मूल मूल्यों पर गहरा आघात है।’’ जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया है कि इस अधिवक्ता के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए जाएं और मामले में उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में देश में कोई इस प्रकार की घटना करने का साहस न कर सके। इस दौरान शंकर लाल चन्नाल, गोपाल बलाई, गोपाल लाल, शंकर लाल, सुरेश, शंभू प्रसाद, देवकरण आदि उपस्थित थे।